क्या हैं भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के तथ्य

जयपुर : जयपुर के झंडा विशेषज्ञ ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज के बारे में फैक्ट्स शेयर किए।उन्होनें बताया कि क्या आपको पता है पहली बार तिरंगा कब और कहां, फहराया गया था? राष्ट्रध्वज फटने पर क्या किया जाता है? 15 अगस्त के मौके पर dainikbhaskar.com बता रहा है, तिरंगे से जुड़े कुछ अहम फैक्ट्स। पिंगली वैंकेया ने डिजाइन किया था तिरंगा.

जानिए झंडे से जुड़े फैक्ट्स

 जयपुर के झंडा विशेषज्ञ ज्ञानप्रकाश कामरा ने dainikbhaskar.com को तिरंगे से जुड़े 26 फैक्ट्स के बारे में बताया। इसके साथ ही ज्ञानप्रकाश ने स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों से अपील की है कि वें अपने यहां झंड़ा फहराने से पहले लोगों को तिरंगे को छूने दें। ज्ञानप्रकाश जी का मानना है कि ऐसा करने से लोगों को देश के प्रति लगाव बढ़ेगा।

पार्थिव देह पर प्रयुक्त झंडे का क्या करें?

विवेकानुसार कार्यवाही करें। यदि चाहें तो उस पवित्र झंडे को स्मृति स्वरूप सहेज कर रखें। यदि चाहें तो सम्मानपूर्वक एकांत में जला दें परंतु झंडे का चिता में नहीं जलाएं। कब्र में भी इसे नहीं गाड़े। ध्वज अपमान पर कानून।

फ्लैट्स में रहने वाले लोग तिरंगा कैसे फहराएं?

तिरंगे को इमारत के अगले हिस्से या बालकनी या खिड़की पर आड़े या तिरछे फहराया जा सकता है। झंडे की केसरिया पट्टी डंडे के उसे सिरे की ओर होगी जो खिड़की छज्जे, बालकनी, अगले हिस्से से परे की ओर हो।

विधि सम्मान राष्ट्र ध्वज की क्या पहचान है?

ध्वज पर भारतीय मानक ब्यूरो का नाम, निर्माण का दिनांक व ध्वज का आकार अंकित होता है।

क्या चेहरे पर तिरंगा चिह्नित करवाया जा सकता है?

इस संबंध में कोई वैधानिक आपत्ति नहीं है। ध्वज चित्रांकन त्रुटि रहित होना चाहिए।

 क्रिकेट मैच के दौरान तिरंगे का प्रदर्शन कैसे करें?

पूर्ण आदर के साथ तिरंगे का उपयोग करें। ध्वज प्रदर्शित करते समय ध्यान रहे कि इसकी केसरिया पट्टी ऊपर की ओर रहेगी। ध्वज की घुटनों पर नहीं रखेंगे। इसे दाएं कंधे पर रखें। जमीन पर किसी भी अवस्था में इसे न रखें।

राष्ट्रीय पर्व अथवा खेलकूद प्रतियोगिताओं के दौरान एक ध्वज स्तंभ पर संस्था का ध्वज एवं तिरंगा प्रदर्शित किया जा सकता है?

नहीं एक ध्वज स्तंभ पर एकी ही ध्वज फहराया जा सकता है। समस्त ध्वज स्तंभ की ऊंचाई एक समान होगी। जम्मू व कश्मीर राज्य का ध्वज स्तंभ राष्ट्र ध्वज हेतु काम में लिए जाने वाले ध्वज स्तंभ से कम ऊंचाई का होगा।

  • भारत के राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वैंकेया ने डिजाइन किया था। वेंकैया ने इसके लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से सलाह ली और उन्हें इस ध्वज के बीच में अशोक चक्र रखने की सलाह दी, जो संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का संकेत बने।
  • उन्होंने 5 सालों तक 30 देशों के झंडों पर रिसर्च किया और इस रिसर्च के नतीजे के तौर पर भारत को राष्ट्रध्वज के तौर पर तिरंगा मिला।
  • आज जो तिरंगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज है उसका यह छठवां रूप है। इसको 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था।
  • जो 15 अगस्‍त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पहले आयोजित की गई थी।

 

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