7 साल की उम्र में अफ्रीका की सबसे उंची चोटी पर लहराया तिरंगा

हैदराबाद के समन्यु पोथुराजु ने मात्र सात साल की उम्र में अफ्रीका की सबसे उंची चोटी को छूकर एक नया मुकाम हासिल किया है. समन्यु और उसके कोच थम्मिनेनी भरथ ने कड़ाके की ढंड में अफ्रीका के किलिमंजारो की ऊहरू चोटी पर जीत हासिल की. दोनों ने समुद्र तल से 5,895 मीटर ऊंचाई पर तिरंगा लहराया.

समन्यु के कोच चुबिलंत थम्मिनेनी भरथ ने बताया कि, 29 मार्च को बेस कैंप से चढ़ाई शुरू की थी। समन्यु ने पांच दिनों इस सफर को पूरा किया। समन्यु के इस सफर में उनकी मां लवन्या भी उनके साथ थी। इसके अलावा दो अन्य लोग भी साथ थे। जो कि हैदराबाद के ही रहने वाले थे। समन्यु अफ्रीका इस चोटी पर वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के पर्वतारोही हैं। समन्यु की मां ने बताया कि उसे पर्वतारोहण का शौक स्कूल से मिला है।

समन्यु ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह कठिन था लेकिन हौसले बुलंद थे. समन्यु ने कहा, ”जब मैंने पहाड़ पर चढ़ाई शुरू की तो बारिश हो रही थी, रास्ता पत्थरों से भरा हुआ था. मैं डरा था. मेरे पैरों में दर्द हो रहा था, लेकिन इसके बावजूद मैंने बाकी की चढ़ाई पूरी की. मुझे बर्फ पसंद है और इसलिए मैंने किलिमंजारो को चुना.”

उन्होंने कहा, ”मुझे पवन कल्याण (दक्षिण भारत के मशहूर अभिनेता) बहुत पसंद हैं. मां ने मुझसे वादा किया था कि अगर मैंने विश्व रेकॉर्ड की कोशिश की तो वह मुझे पवन से मिलवाएंगी और अब मैं इसका इंतजार कर रहा हूं.” साथ ही समन्यु ने आगे के प्लान के बारे में बताया कि वह अगले महीने ऑस्ट्रेलिया की पहाड़ियों की ऊंचाई को छूएंगे. उन्होंने कहा कि वह रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं.

समन्यु की मां हैं उत्साहित

समन्यु की मां ने कहा, ”मैं बहुत खुश हूं की मेरा बेटा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना जाता है. मैं भी साथ गया था. लेकिन मैं स्वास्थ्य कारणों से रास्ते में ही रुक गया. लेकिन मेरा बेटा नहीं हारा. जब तक की उसने ऊंचाईयों को नहीं छू लिया. मैं वहां के मौसम की वजह से बहुत परेशान थी. हमलोगों का अब अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया है.’

समन्यू को पर्वतरोही बनाने में उनकी मांग लावन्या का बड़ा योगदान हैं. लावन्या ने कहा कि समन्यु मई तक 10 चोटियों पर चढ़ाई कर रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करना चाहता है.

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