20 साल पुराना काला हिरण शिकार मामला- क्या सलमान को मिलेगी बेल?

जयपुर : काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर की सत्र अदालत आज (शुक्रवार को) सलमान खान की जमानत अर्जी पर सुनवाई करेगी. गुरुवार को जोधपुर की सीजेएम कोर्ट ने सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाई थी, जबकि उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसके बाद सलमान खान के वकीलों की तरफ से सेशंस कोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की गई थी.

क्या कहता है नियम 

सीआरपीसी के नियम के मुताबिक किसी भी दोषी को अगर तीन साल से अधिक की सजा दी जाती है तो सिर्फ सेशंस कोर्ट ही उसे जमानत दे सकता है. सेशंस कोर्ट में जमानत के आवेदन के दौरान जजमेंट की कॉपी लगानी होती है. गुरुवार को फैसले के बाद सलमान खान के वकीलों के पास इतना समय नहीं था कि वह कॉपी लेकर सब्मिट कर पाते, लिहाजा कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए शुक्रवार को दिन मुकर्रर किया था. बता दें कि अगर शुक्रवार को सलमान खान की जमानत याचिका पर फैसला नहीं आता है तो उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा. यदि सेशंस कोर्ट आज सलमान की जमानत याचिका खारिज करता है तो सलमान खान हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं.

बैरक नंबर-2 में पूरी रात रहे सलमान खान

सलमान खान को यहां की एक अदालत ने दो काले हिरणों का शिकार करने के 20 साल पुराने मामले में पांच साल की कैद की सजा सुनाते हुए, उन्हें जोधपुर केन्द्रीय कारागार जेल भेज दिया. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया. जेल सूत्रों ने बताया कि सलमान को कड़ी सुरक्षा से लैस बैरक नंबर दो में रखा गया है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा है कि सलमान को वन्यजीव अधिनियम के तहत अधिकतम सजा मिलनी चाहिए थी.

सलमान खान के छलके थे आंसू

गुरुवार को जोधपुर कोर्ट का फैसला आने के बाद कोर्ट रुम के अंदर सलमान खान भावुक हो गए थे और उनकी आंखों में आंसू गए थे. कोर्ट रुम में मौजूद सलमान के साथ बैठीं उनकी बहन अलवीरा ने सलमान को चश्मा पहनाया था. इस दौरान सलमान के साथ-साथ उनकी बहनें अलवीरा और अर्पिता भी रो पड़ीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान को बहन अलवीरा ने एंटी डिप्रेशन की दवा दी थी.

सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे को मिली जमानत

काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और जोधपुर निवासी दुष्यंत सिंह पर आरोप लगा था. इस स्टार्स ने 1 और 2 अक्टूबर 1998 को जोधपुर में देर रात लूणी थाना इलाके के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था. मामले में पेश किए गए गवाहों ने कोर्ट को बताया था कि सलमान खान ने हिरणों का शिकार किया तो उस समय ये सभी आरोपी जिप्सी गाड़ी में सवार थे. मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि इस बात का पुख्ता सुबूत नहीं है कि सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे ने काले हिरण का शिकार किया था, इसलिए उन्हें जमानत दी जाती है.

जेल पहुंचने से पहले पिता से की बातचीत

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को जेल की सलाखों में कैद होने से पहले सलमान खान ने अपने पिता सलीम खान से बातचीत की थी. सलमान के जोधपुर जेल पहुंचने पर सबसे पहले उनका मेडिकल कराया गया. रात में सलमान को चार कंबल दिए गए.

हिट एंड रन केस में उसी दिन मिली थी जमानत

काला हिरण मामले से पहले सलमान खान का नाम साल 2002 में हिट एंड रन मामले में विवादों में आया था. इस मामले में 6 मई 2015 को सलमान खान दोषी साबित हुए और सेशन्स कोर्ट ने उन्हें 5 साल कैद की सजा सुनाई थी, लेकिन उसी दिन शाम को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सलमान खान को जमानत दे दी थी. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस यह साबित ही नहीं कर पाई है कि हादसे के समय सलमान गाड़ी चला रहे थे और वह नशे में थे. इस मामले में सलमान खान पर देर रात एक बेकरी के सामने फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचल दिया था. इस हादसे में सलमान खान पर एक व्यक्ति की मौत और 3 लोगों को घायल करने का आरोप लगा था.

क्या है काला हिरण मामला

सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और जोधपुर निवासी दुष्यंत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 1 और 2 अक्टूबर 1998 को जोधपुर में देर रात लूणी थाना इलाके के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था. मामले में पेश किए गए गवाहों ने कोर्ट को बताया था कि सलमान खान ने हिरणों का शिकार किया तो उस समय ये सभी आरोपी जिप्सी गाड़ी में सवार थे. उन्होंने बताया कि जिप्सी में मौजूद सभी सितारों ने सलमान को शिकार करने के लिए उकसाया था, जिसके बाद गोली की आवाज सुनकर सभी गाववाले वहां एकत्र हो गए थे. गांव वालों के आने के बाद सलमान वहां से गाड़ी लेकर भाग गए थे और दोनों हिरण वहीं पड़े थे.

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