20 अप्रैल से शुरू होगी ई-वे बिल प्रणाली,जानिए इससे क्या फायदे होंगे नागरिकों को सरकार की तरफ से

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में इंट्रा-स्टेट योजना के अंतर्गत प्रदेश में 20 अप्रैल से माल वाहक वाहनों के सुगम आवागमन के लिए भी ई-वे बिल प्रणाली शुरू कर दी जाएगी। शुक्रवार को फरीदाबाद में आबकारी एवं कराधान भवन के उद्घाटन के अवसर पर सीएम ने कहा कि राज्य के अन्य जिलों में भी आबकारी एवं कराधान विभाग के नए भवनों के निर्माण का क्रम जारी रहेगा ताकि नागरिकों को सभी सेवाएं एक ही भवन में उपलब्ध हो सकें।

ई-वे बिल के उदेश्य

सीएम ने कहा कि अंतरराज्यिक माल परिवहन हेतु ई-वे बिल जेनरेट करने के लिए करदाताओं व परिवहनकर्ताओं को किसी का अधिकारी व चेक पोस्ट तक जाने की जरूरत नहीं होगी और यह प्रणाली यूजर-फ्रेंडली भी है। ई-वे बिल का आसान एवं शीघ्र जेनरेशन होता है तथा यह सुगम कर प्रशासन हेतु नियंत्रण एवं संतुलन तथा कर अधिकारी द्वारा ई-वे बिल के सत्यापन में आसानी हेतु प्रक्रिया का सरलीकरण भी है। कई कन्साइनमेंट ले जा रहे वाहन के लिए समेकि ई-वे बिल जेनरेट किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य प्रणालियों को सक्षम, सरल व पारदर्शी बनाने के लिए हरियाणा सरकार योजनाबद्ध रूप से ई-गवर्नेंस को विस्तार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार मुक्त कार्य प्रणाली प्रदान करने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न ठोस कदम उठाए हैं। इस दिशा मे ई-गवर्नेंस को विस्तारित करना भी इस प्रक्रिया में शामिल है। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को विभिन्न सरकारी विभागों की कार्य प्रणाली का अहम अंग बनाने के लिए कार्य किया गया है।कार्य प्रणाली दक्ष व सक्षम होने के साथ-साथ नागरिकों के लिए सरल व सुलभ भी हो सकी हैं। सरकार द्वारा नागरिकों को दी जानी वाली विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता का विस्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कराधान क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग व ई-गवर्नेंस को विस्तार दिया है। प्रदेश सरकार ने ई-पंजीकरण, करों की ई-अदायगी व रिटर्न की ई-फाइलिंग,ऑन लाइन अपील,ऑन लाइन असेसमेंट, ई-निविदा, सी-फार्म व विभिन्न आवश्यक फार्म ऑन लाइन जारी करने की सुविधा प्रारंभ की गई है। बड़खल झील को शहर के सीवरेज के पानी को साफ कर भरा जाएगा। इसमें 6 से 8 महीने लग सकते हैं।

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