हीरो बना विलेन

गोरखपुर : गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. रविवार (13 अगस्त) को बीआरडी अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट और वाइस प्रिंसिपल डॉक्टर कफील खान को सभी ड्यूटी से  हटा दिया गया है. डॉक्टर कफील खान बीआरडी अस्पताल में इंसेफेलाइटिस विभाग के इंचार्ज थे. साथ ही उनके पास कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और अस्पताल अधीक्षक की भी जिम्मेदारी थी. हालांकि, कफील खान को हटाने का कारण साफ नहीं किया गया है.

उनपर आरोप है कि वो अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराकर अपने निजी क्लीनिक पर इस्तेमाल किया करता थे, जानकारी के मुताबिक कफील और प्रिंसिपल राजीव मिश्रा के बीच गहरी साठगांठ थी और दोनों इस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं. लेकिन हादसे के बाद से ही उन्हें फरिश्ते की तरह दिखाया गया था, कहा जा रहा है कि इसमें उन्होंने अपने पत्रकार दोस्तों की मदद ली.

मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई लोगों ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर हैरानी जताई है, जिनमें कफील को किसी फरिश्ते की तरह दिखाया गया है. जबकि सच्चाई बिल्कुल अलग है. डॉ कफील बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इन्सेफेलाइटिस डिपार्टमेंट के चीफ नोडल ऑफिसर हैं लेकिन वो मेडिकल कॉलेज से ज्यादा अपनी प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए जाने जाते हैं.

मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों ने हमें बताया कि शुक्रवार को जब बच्चों की मौत की खबर पर हंगामा मचा तो कफील अपने प्राइवेट अस्पताल में थे. वहां से उन्होंने कुछ सिलेंडरों को अस्पताल भिजवा दिया. क्योंकि ये वो सिलेंडर थे जो वो खुद मेडिकल कॉलेज से चोरी करके ले गए थे. उन्होंने मीडिया को बताया कि इन सिलेंडरों का इंतजाम उन्होंने अपनी जेब से किया है जबकि ऐसा कुछ नहीं था.

प्राइवेट प्रैक्टिस वाले डॉक्टरों पर होगी एफआईआर
कुछ सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस के सवाल पर सीएम ने कहा कि ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। मीडिया से मुखातिब होने से पहले सीएम ने बंद कमरे में इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी डॉ. कफील अहमद समेत कुछ अन्य की कड़ी क्लास ली।

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