हिमाचल के मंडी में लैंडस्लाइड

एनएच-154 पर मंडी के कोटरोपी में शनिवार-रविवार रात 12:30 बजे पहाड़ी खिसकी और दो बसें, दर्जनभर छोटी गाड़ियां दब गईं। 10-12 मकान दबे हैं। बचाव कार्यों के बाद 48 शव निकाले गए। यह भूस्खलन से अब तक का सबसे बड़ा हादसा है। अभी और लोगों के दबे होने की आशंका है। बचाव दस्तों ने कहा, ये आंकड़ा 60 पार कर सकता है।

भूस्खलन में पूरा मार्ग बह गया और बसें करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरीं जिनमें से एक बस मलबे के नीचे पूरी तरह से दब गई हैं और इसका कोई अता पता नहीं है. बसों में यात्रियों की संख्या 30 और 40 के बीच होने का अनुमान है. राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ट्वीट करके कहा कि वह मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूस्खलन में लोगों के मारे जाने पर शोक व्यक्त किया है.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया कि सेना तथा एनडीआरएफ का दल घटनास्थल पर पहुंच गया है. पुलिस, प्रशासन एवं स्थानीय लोगों के साथ उन्होंने बचाव अभियान शुरू कर दिया है. महानिरीक्षक सेन्ट्रल रेंज एवं उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर मौजूद हैं.  पुलिस महानिदेशक सोमेश गोयल ने बताया कि प्राथमिक सूचना के अनुसार मनाली-कटरा वॉल्वो बस में आठ यात्री जबकि अन्य बस में 47 यात्री थे.

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