हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन पर छापा, सुपरिंटेंडेंट समेत 8 लोगों को किया गया अरेस्ट

पंचकूला : हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में नौकरी लगवाने के नाम पर इसी ऑफिस से एक नैक्सस ऑपरेट किया जा रहा था। इसमें कॉन्फिडेंशियल आईटी विंग से डाटा और डाॅक्यूमेंट्स में बदलाव कर अपने लोगों को नौकरियां दी जाती थी। यही नहीं सिलेक्ट हुए लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे भी वसूले जाते थे। मामले का पता चलने पर हरियाणा सीएम फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने वीरवार को ऑफिस पर छापा मारकर 8 लोगों को अरेस्ट किया है। इनमें कमीशन के सुपरिंटेंडेंट सुभाष पराशर व कॉन्फिडेंशियल डाटा कंप्यूटर रूम ऑपरेटर भी शामिल हैं। पुलिस ने 22 हार्ड डिस्क, 5 कंप्यूटर व दस्तावेज जब्त किए हैं।

2-20 लाख में होती थी डील

हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के अाॅफिस में ही क्लेरिकल और ड्राइविंग से जुड़ी भर्तियां की जाती हैं। यहां का सारा डाटा एक कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटर रूम के अंदर होता है, जिसके बारे में किसी को जानकारी नहीं होती। लेकिन विंग का एक कर्मचारी रैकेट में शामिल था जो इन्फॉर्मेशन लीक करता था। वह सिस्टम से पता करता कि कौन-कौन किस पद पर सिलेक्ट हुअा है। यह जानकारी व अपने साथियों को देता था जिनमें असिस्टेंट और सुपरिंटेंडेंट शामिल थे। फिर सिलेक्ट हुए लोगों से संपर्क कर उन्हें नौकरी लगवाने का लालच देकर दो लाख से लेकर 20 लाख के बीच में डील तय होती थी।

डेढ़ साल में हुई भर्तियां सवालों के घेरे में

पिछले करीब डेढ़ साल से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था। इस वजह से कमीशन की ओर से इस दौरान भर्ती किए गए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की ज्वाॅइनिंग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अभी पूरा डाटा वेरीफाई नहीं हो पाया है। कुछ ऐसे केस भी हैं जिसमें डाक्यूमेंट्स, पेपर्स से छेड़छाड़ कर रिजल्ट को बदला गया है। इसके बाद रुपए लेकर लोगों की ज्वाइनिंग करवाई गई है। एसपी हरियाणा सीएम फ्लाइंग स्क्वायड धीरज सेतिया ने बताया कि कई लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

6 हजार पेज से ज्यादा दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त

इस दौरान सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की ओर से 6 हजार पेज से ज्यादा के दस्तावेजों को जब्त किया गया है। जिसमें 350 से ज्यादा फाइलें शामिल हैं। वहीं, 22 से ज्यादा हार्ड डिस्क, 15 से ज्यादा सीडी को जब्त किय गया है। इसके अलावा तीन वो कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटर हैं जिनको कॉन्फिडेंशियल टीम चलाती थी। इसमें वो डाटा शामिल था जो न तो किसी अधिकारी के पास था और न किसी स्टाफ को पता होता था।

कर्मचारियों के फोन सर्विलांस पर लगाकर पकड़ा मामला

डीएसपी सीआईडी पूर्णिमा सिंह ने इस रैकेट की जानकारी मिलने पर चीफ सेक्रेटरी से परमिशन लेकर इन लोगों के मोबाइल को सर्विलांस और रिकार्डिंग पर लगाया। इस दौरान 2200 मोबाइल काॅल रिकॉर्डिंग की गईं। इनमें से उन रिकॉर्डिंग को हासिल किया गया जिनमें यहां काम करने वाले स्टाफ के अलावा दलालों की रिकार्डिंग थीं। इसके लिए 8 महीने पहले से सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने तैयारी शुरू कर दी थी। साइबर सैल की एक टीम को भी इसी काम पर लगाया था कि वह इन लोगों की मोबाइल लोकेशन पर नजर रखे की वे कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं आदि। इस बारे में पिछले कई महीनों के सारे मोबाइल डंप जुटाए गए।

इनको किया गिरफ्तार

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