हरियाणा की भावनाओ को ध्यान में रखकर बनाया गया बजट- पढ़िए क्या है खास

वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने मनोहर सरकार का चौथा बजट शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा में पेश किया। जीएसटी लागू होने के बाद राज्य का यह पहला बजट है। बजट अभिभाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि यह बजट हरियाणा एक हरियाणवी एक की भावना को ध्यान में रखकर बनाया गया है। वर्ष 2018-19 के लिए 1 लाख 15 हजार 198.29 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जो 2017-18 की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है। इस बार के बजट में राज्य की आय बढ़ाने के लिए किसी भी वर्ग पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है।

हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण होगा स्थापित

सरकार ने कृषि को लाभकारी बनाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा किसान परिवारों और भूमिहीन श्रमिकों के शारीरिक, वित्तीय और मनोवैज्ञानिक दवाब को कम करने के लिए उपाय करने हेतु ‘हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में एक विधेयक इस सदन के चालू सत्र में लाए जाने की सम्भावना है।

आवारा बैलों को समस्या से दिलाएंगे छुटकारा

आवारा बैलों की समस्या से निपटने के साथ-साथ मादा पशुओं की संख्या में वृद्धि करके दूध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों में, सरकार का वर्ष 2018-19 में बड़े पैमाने पर सेक्सड सीमन टैक्नोलोजी अपनाने का प्रस्ताव है। इस तकनीक के तहत गाय के 90 प्रतिशत से अधिक बछिया पैदा होंगी, जिससे न केवल आवारा बैलों की समस्या हल होगी, बल्कि दुग्ध उत्पादन के लिए मादा पशुओं की उपलब्धता में भी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

अम्बाला को मिला पशुधन विकास डिप्लोमा कॉलेज

इसके अतिरिक्त, पशु चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्विद्यालय, हिसार के तहत एक पशु चिकित्सा पशुधन विकास डिप्लोमा कॉलेज लखनौर साहिब, अम्बाला में स्थापित किया जाएगा।

15,000 हैक्टेयर क्षेत्र में लगाए जाएंगे पेड़

वर्ष 2018-19 के दौरान लगभग 15,000 हैक्टेयर क्षेत्र में वनीकरण किया जाएगा।

125 नहरी चैनलों का जीर्णोद्वार

– वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान 550 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से लगभग 125 चैनलों के मुख्य जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई है। वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान 150 करोड़ रुपये की लागत से पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी, हांसी शाखा, हिसार मेजर डिस्ट्रीब्यूटरी, हिसार डिस्ट्रीब्यूटरी, जींद डिस्ट्रीब्यूटरी संख्या-3, पृथला डिस्ट्रीब्यूटरी, मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी, चंदर माइनर, भिर्राना डिस्ट्रीब्यूटरी, बुड़क माइनर, धारोली डिस्ट्रीब्यूटरी, टोहाना डिस्ट्रीब्यूटरी, सिंसर माइनर, खरल माइनर, कलवान माइनर, पंजोखरा माइनर, इशरवाल डिस्ट्रीब्यूटरी, निगाना-बुरटाना लिंक चैनल, गुजराणी माइनर, निगाना फीडर, निगाना नहर, कैरू माइनर, जुई फीडर, सैली माइनर, जहांगीरपुर माइनर, लोहारू डिस्ट्रीब्यूटरी, जुलाना सब-माइनर इत्यादि पर कार्य शुरू किया गया।

– लोहारू नहर प्रणाली की क्षमता को बहाल करने के लिए, लोहारू और बंधवाना नहर प्रणाली के विभिन्न पंपों और विद्युत घटकों को बदलने और उनके पुनरोद्धार के लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

मुर्राह अनुसंधान एवं कौशल विकास केंद्र होगा स्थापित

हरियाणा विश्व प्रसिद्ध मुर्राह नस्ल की भैंस का गर्वित भंडार है। मुर्राह जर्मप्लाजम के और अधिक विकास, प्रचार और संरक्षण के लिए, वर्ष 2018-19 के दौरान नारनौंद उपमण्डल, हिसार में ‘मुर्राह अनुसंधान एवं कौशल विकास केंद्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया।

एसवाईएल के लिए 100 करोड़ परिव्यय आवंटित

एसवाईएल परिजयोजना के लिए वर्ष 2018-19 में विशेष रूप से 100 करोड़ रुपये का परिव्यय आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है। यदि एसवाईएल के निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये की भी आवश्यकता पड़ी, तो हम उपलब्ध करवाएंगे।

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