सांसद दुष्यंत चौटाला ने लगाया – दवाइयों जांच उपकरण आदि की खरीद में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाला का आरोप

अम्बाला : इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला द्वारा स्वास्थ्य विभाग में 100 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप पर हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिक्रिया दी है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि आरटीआई लगाने वाले मुझे जानकारी मुहैया कराए, मुझे तो वैसे भी गलत काम करने वालों की तलाश रहती है, ताकि उन पर कड़ी कार्रवाई कर सकूं। बता दें कि सांसद चौटाला ने एक आरटीआई का हवाला देत हुए आरोप लगाए थे कि प्रदेश के जिलों में दवाइयों, जांच उपकरण आदि की खरीद में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला उजागर करने का दावा किया।

 पढ़िए अब क्या बोले मंत्री विज.

– विज ने कहा कि हमें जानकारी मुहैया कराए हम इस मामले की जांच करके दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
– विज ने कहा कि अगर कोई जानकारी नहीं भी मुहैया करवाएगा तो वो खुद इस मामले की जानकारी इकट्ठा करके अपने स्तर पर भी मामले की जांच करवाएंगे ।

ये लगाए थे दुष्यंत चौटाला ने आरोप

  • चौटाला ने प्रदेश के पांच जिलों में दवाइयों, जांच उपकरण आदि की खरीद में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का घोटाला उजागर करने का दावा किया।
  •  दुष्यंत ने रविवार को आरटीआई से मिली जानकारी मीडिया के सामने रखते हुए कहा कि यदि 22 जिलों की जांच हो तो यह घोटाला 300 करोड़ रुपए का निकलेगा।
  •  सीएमओ ने अपने स्तर पर इनकी खरीद ऐसे फर्जी एजेंसियों से की जानी दिखाई है, जिनके एड्रेस पर कहीं धोबी की दुकान है तो कोई फर्म किरयाना और ऑयल बेचने के लिए रजिस्टर्ड है।
  •  सांसद चौटाला ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एनएचएम के तहत सरकार को 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि मिली थी।
  •  उन्होंने मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना की पिछले तीन साल की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी। मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना की तो किसी के पास जानकारी ही नहीं है। जबकि एनएचएम के तहत खरीद किए जाने की पांच जिलों ने जानकारी दी है।
  •  चौटाला ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के नव नियुक्त चेयरमैन सोहन लाल कंसल और उनके बेटे का भी हाथ है।
  •  आरोप लगाया कि सीएम और हेल्थ मिनिस्टर की शह के बिना यह नहीं हो सकता। कोटेशन में कम रेट होने के बावजूद ज्यादा कीमत पर खरीद की गई है। इसलिए सरकार इसकी सीबीआई से जांच कराए।
  •  मंगलवार तक सरकार की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया तो वे सभी कागज लेकर सीबीआई के डायरेक्टर से मिलेंगे।

आरटीआई में क्या आया सामने

 फतेहाबाद : सांसद के अनुसार फतेहाबाद सिविल सर्जन की ओर से फेस मास्क 4.90 रुपए की दर खरीदा, जबकि यही आइटम मात्र 95 पैसे में फतेहाबाद में ही मिल रहा था। यह टेंडर रेट से करीब 5 गुना है।

  •  500 ग्राम कॉटन रोल अपने चहेते आरवीएक्स इंडस्ट्रीज से 140 रुपए की दर खरीदा, जबकि टेंडर रेट पर यह 99 रुपए में खरीदा जा सकता था।
  •  1650 रुपए की दर बीपी एप्परेट्स डीजी टल खरीदे गए। यही आइटम टेंडर रेट पर 780 रुपए में मिल रहा है।
  •  शगुन ट्रेडिंग कंपनी से हैंड सेनेटाइजर 400 एमएल 325 रुपए में खरीदा, जिसकी टेंडर के अनुसार कीमत 185 रुपए है।
  •  चौटाला ने कहा कि जीके ट्रेडिंग कंपनी हिसार से 2 रुपए 20 पैसे की बजाए ईडीटीए वेक्यूटैनर 5.50 रुपए, वेक्यू फ्लोराइड 7.50 रुपए और वेक्यूम सी ट्रेट 2.75 रुपए की बजाए 7.50 रुपए में खरीदा। यह जीके ट्रेडिंग कंपनी का मालिक नकली सिक्के बनाने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद है।
  •  इसी प्रकार साई एंटरप्राइजेज अम्बाला से ब्लीचिंग पाउडर 76 रुपए प्रति किलोग्राम खरीदा गया, जो 22 रुपए 96 पैसे में खरीदा जा सकता था। आरोप लगाया कि फतेहाबाद सीएमओ ऑफिस से एक ही नाम की तीन फर्मों कभी हिसार तो कभी फतेहाबाद से दिखाया है।

एक ही कंपनी से खरीदे 6 ड्रग आइटम 

 रेवाड़ी : सिविल सर्जन ऑफिस से जो जानकारी मिली है, उसमें सामने आया कि बिना ड्रग लाइसेंस वाली फर्म शगुन ट्रेडिंग कंपनी हिसार से परचेज कमेटी ने 6 ड्रग आइटम का टेंडर इसी कंपनी के नाम जारी किया। हाल यह है कि 5 हजार पेज रेवाड़ी से मिली, जिनमें बिजली का एक ही बिल उन्हें 7-8 बार दे दिया गया।

2.79 रुपए की स्ट्रिप 6 से 28 रुपए में खरीदी 

जींद : प्रेग्नेंसी स्ट्रिप 6 रुपए, 16 रुपए से 28 रुपए में खरीदी गई। जबकि हिसार के टेंडर में इसके रेट 2 रुपए 79 पैसे हैं। इसके अलावा करनाल की फर्म माइक्रो डायग्नोस्टिक एंड सर्जिकल ने जींद जिले में एक ही प्रकार के सामान की सप्लाई अलग-अलग रेट में की।

बिना कमेटी के खरीद ली 3 करोड़ की दवा 

रोहतक : बिना कमेटी गठित किए हेपेटाइटिस-बी की 3 करोड़ रुपए की दवा 3 महीने में खरीद कर दी। आरटीआई में जो जानकारी दी है, उसमें जो कमेटी दिखाई है, उस पर न तो सीएमओ के हस्ताक्षर हैं और न ही कोई डेट, आफिसर नंबर। यह फर्जी कमेटी बनाई गई।

देशद्रोह के मामले में जेल में बंद आरोपी की फर्म के नाम से खरीदी गई दवा दिखाई

– सांसद दुष्यंत ने कहा कि हिसार में जिस जीके ट्रेडिंग कंपनी से दवा खरीद दिखाई है, वह किराना व घी बेचने के लिए रजिस्टर्ड है। उसका मालिक नकली सिक्के बनाने के आरोप में देशद्रोह के मामले में जेल में बंद है।
– यह कंपनी गद्दे व चद्दर भी बनाती है। कंपनी ने डल्लब के गद्दों की बजाय देसी गद्दे अस्पताल में भेजे। चौटाला के अनुसार जीके ट्रेडिंग कंपनी का सिंडिकेट बैंक हिसार में खाता है।
– इसमें जो पैसा आता है वह कंसल के बेटे कनिष्क सिंह के खाते में तत्काल ट्रांसफर हो जाता है। सांसद ने आरोप लगाया कि हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सोहन लाल कंसल पूर्व में हिसार अस्पताल में स्टोर कीपर रह चुके हैं। फार्मेसी का रजिस्ट्रार भी रहे हैं।

आरोप निराधार, मेरा दवा खरीद से लेना-देना नहीं

हरियाणा फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सोहन लाल कंसल का कहना है कि मेरे पर लगाए आरोप बेबुनियाद है। मेरे बेट के नाम कृष्णा एंटरप्राइजेज फर्म है। मुझे रिटायर हुए काफी समय हो गया। रजिस्ट्रार पद से सरकार ने हटा दिया था। अब कार्यवाहक चेयरमैन बनाया है। कांउसिल का दवा खरीद से कोई लेना-देना नहीं है।

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