शौर्य दिवस पर भड़की हिंसा के विरोध में आज महाराष्ट्र बंद का एलान

भीमा-कोरेगांव लड़ाई की सालगिरह पर भड़की चिंगारी पूरे महाराष्ट्र में फैल रही है. हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जिसके बाद पूरे राज्य में धीरे-धीरे हिंसा पुणे के बाद मुंबई तक फैली. राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. हिंसा के खिलाफ बुधवार को कई संगठनों ने बंद बुलाया है. मुंबई के मशहूर डब्बावाल भी अपनी सर्विस को ठप रखेंगे. उन्होंने अपने ग्राहकों से खुद अपना टिफिन लाने को कहा है.

कहां से शुरु हुआ विवाद?

दरअसल पूरा झगड़ा 29 दिसंबर से शुरू हुआ था. 29 दिसंबर को पुणे के वडू गांव में दलित जाति के गोविंद महाराज की समाधि पर हमला हुआ था, जिसका आरोप मिलिंद एकबोटे के संगठन हिंदू एकता मोर्चा पर लगा और एफआईआर दर्ज हुई. एक जनवरी को दलित समाज के लोग पुणे के भीमा कोरेगांव में शौर्य दिवस मनाने इकट्ठा हुए और इसी दौरान सवर्णों और दलितों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक शख्स की जान चली गई और फिर हिंसा बढ़ती गई.

स्कूली बच्चों पर संकट

बंद के एलान के बाद सुबह सबसे पहला संकट बच्चों के स्कूल पर आने वाला है. हिंसा के दौरान हुई तोड़फोड़ के बाद स्कूल बस एसोसिएशन ने सड़कों पर बसें उतराने से इनकार कर दिया है. स्कूल बसें नहीं चलेंगी, लेकिन सरकार ने अभी स्कूल बंद करने का एलान नहीं किया है.

कहां-कहां पड़ रहा है असर?

  • मुंबई के घाटकोपर और चेंबूर में प्रदर्शन हो रहा है.
  • मुंबई से नासिक जाने वाला रास्ता प्रभावित है.
  • मुंबई से पुणे एक्सप्रेस वे पर पहुंचना भी मुश्किल है. क्योंकि पुणे जाने का रास्ता चेंबूर से शुरू होता है.
  • इसके अलावा बंद की वजह से मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन भी प्रभावित होगी. बंद का सबसे ज्यादा असर हार्बर लाइन पर होगा.

उत्तेजित भाषण देने के आरोप में शिकायत दर्ज 

जिस वक्त शौर्य दिवस का कार्यक्रम हो रहा था तो मंच पर गुजरात के दलित विधायक जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्रनेता उमर खालिद भी मौजूद थे. दोनों पर उत्तेजित भाषण देने के आरोप में पुणे के थाने में शिकायत दर्ज की कराई गई है.

अब आज महाराष्ट्र में हुई हिंसा की गूंज आज संसद में भी सुनाई दे सकती है क्योंकि विक्षपी कल से ही सरकार पर हमलावर हैं, वहीं हिंसा और बंद के एलान के बाद सीएम फडणवीस ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी है. सूत्रों के मुताबिक फडणवीस ने हालात पर नियंत्रत का दावा किया है और अतिरिक्त सुरक्षाबल की मांग नहीं की है.

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