शहरी स्थानीय निकाय ने सभी जिलों के डीसी, ईओ को जारी किया पत्र।

जाटों को नौकरी में आरक्षण को लेकर सरकार 11 मार्च से प्रदेशभर में सर्वे कराने जा रही है। इससे गांव व शहरों में रहने वाले जाट समुदाय व अन्य जाति के लोगों की संख्या का पता लगाया जाएगा। सरकार के आदेश पर शहरी स्थानीय निकाय की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के डीसी, एसडीएम, ईओ, पंचायत अधिकारी को पत्र जारी किया गया है। जाटों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने को लेकर जद्दोजहद चल रही है। लेकिन सरकार के पास यह आंकड़ा नहीं है कि प्रदेश में जाट समुदाय के लोग कितने प्रतिशत है। सर्वे रिपोर्ट के बाद जाटों के आरक्षण को लेकर आगामी कार्रवाई तय होगी।

  •  सरकार ने जाटों की जनसंख्या के आंकड़ों को लेकर प्रदेश स्तर पर शहरी स्थानीय निकाय डायरेक्टर व प्रधान सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  •  वही जिला स्तरों पर डीसी, एडीसी व एसडीएम को लगाया है। जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। एसडीएम को जाट समुदाय की जनसंख्या के आंकड़े वेरिफाई करने के लिए चार्ज ऑफिसर लगाया है।
  •  सर्वे में नगर परिषद के ईओ सुपरवाइजर होंगे। सर्वे के लिए मास्टर ट्रैनर भी होंगे, जो सक्षम युवाओं को बताएंगे कि उन्हें किस प्रकार से अपना काम करना है। गांवों में सर्वे के लिए पंचायत सेक्रेटरी, सरपंच, तहसीलदार, डीपीओ को कमान दी है।

सक्षम युवा जुटाएंगे आंकड़े, मोबाइल के Rs.500 मिलेंगे

सर्वे को लेकर सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाई जाएगी। वे शहरों व गांवों में 11 से 20 मार्च तक सर्वे करेंगे। 21 से 25 मार्च तक आंकड़े वेरिफाई किए जाएंगे।  26-27 मार्च को फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 28 मार्च को रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजनी है। सक्षम युवाओं को एक मशीन दी जाएगी। जिसमें सभी आंकड़ा फीड होगा। मोबाइल के लिए 500 रुपए मिलेंगे।

अन्य जाति के लोगों की संख्या के भी आंकड़े लिए जाएंगे

फतेहाबादा नगर परिषद के ईओ अमन ढांडा का कहना है कि जाटों को नौकरी में आरक्षण को लेकर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में जाट समाज के साथ-साथ अन्य जाति के लोगों की संख्या के आंकड़े जटाए जाएंगे।  जिससे बाद में कोई परेशानी न हो। सक्षम युवाओं की ड्यूटी लगाते हुए जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा।

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