विश्व जूनियर एथलेटिक्स: गोल्ड जीतने वाली हिमा दास की आखिरी पलों की कहानी !

विश्व जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर भारत की हिमा दास ने इतिहास रच दिया. आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के महिला 400 मीटर फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं. लेकिन हिमा के लिए उपलब्धि आसान नहीं थी, शुरुआत में पिछड़ने के बाद आखिरी पलों में उन्होंने गोल्डन रेस पूरी की.

रेस में आधे से ज्यादा वक्त तक हिमा 4 धावकों से पीछे थीं लेकिन जैसे-जैसे वो फिनिश लाइन के करीब आ रही थीं उन्होंने अपने कदमों को और तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया. रेस खत्म होने से पहले हिमा ने सभी धावकों को पीछे छोड़ दिया. हिमा ने आखिरी के 100 मीटर में काफी तेजी दिखाई और स्वर्णिम इतिहास रच दिया. हालांकि वह 51.13 सेकेंड के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रह गईं.

असम की हिमा दास ने रेस के बाद कहा, ‘विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर मैं काफी खुश हूं. मैं स्वदेश में सभी भारतीयों को धन्यवाद देना चाहती हूं और उन्हें भी जो यहां मेरी हौसलाअफजाई कर रहे थे.’ हिमा की उपलब्धि पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गज हस्तियों ने उन्हें बधाई भी दी है.

हिमा दास से पहले भारत की किसी भी महिला ने विश्व चैंपियनशिप के किसी भी स्तर पर स्वर्ण पदक नहीं जीता था. वह विश्व स्तर पर ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं. विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भारत के लिए इससे पहले 2002 में सीमा पूनिया चक्का फेंक में ब्रॉन्ज और 2014 में नवजीत कौर ढिल्लों चक्का फेंक में ही ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं.

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