वाराणसी पुल हादसा : 15 मौतों का गुनहगार कौन ? वजह आई सामने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के वाराणसी में निर्माणाधीन पुल के दो बीम चलती ट्रैफिक पर गिरने से हुए हादसे में अंतरिम जांच रिपोर्ट आ गई है. विभागीय जांच में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक (MD) राजन मित्तल के अलावा 5 अन्य अधिकारियों को हादसे का जिम्मेदार पाया गया है.

अतंरिम रिपोर्ट में बताई गईं हादसे की ये वजहें

– वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का डिजाइन या ड्राइंग सक्षम विभागीय अधिकारी द्वारा अनुमोदित नहीं था.

– कॉलम के बीच में ढाली गईं बीमों को क्रॉस बीम्स से टाई नहीं किया गया था.

– बीम्स की गुणवत्ता का कोई रिकॉर्ड उपल्ब्ध नहीं. बीम्स ढालने में इस्तेमाल सीमेंट, सैंड और ग्रिट का अनुपात मानक के रूप में था या नहीं, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं है.

– ढाली गई बीम्स की गुणवत्ता की जांच अधिकारियों द्वारा नहीं की जा रही थी.

– ढाली गई कंक्रीट के निर्माण की भी कोई चेकलिस्ट उपलब्ध नहीं है.

– इंस्पेक्शन करने वाले अधिकारियों ने इंस्पेक्शन के बाद कोई कॉमेंट जारी नहीं की.

– फ्लाईओवर निर्माण के दौरान कार्यस्थल की बैरिकेडिंग नहीं की गई

– फ्लाईओवर के नीचे से चलने वाले ट्रैफिक के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई.

अंतरिम रिपोर्ट में दोषी पाए गए अफसरों में से चार को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने सेतु निगम में जाकर पूछताछ की है और इन अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है. वाराणसी के SP (क्राइम) ने कहा है कि अंतरिम रिपोर्ट में दोषी पाए गए अधिकारियों को सूचित किए बगैर शहर छोड़ने पर रोक लगा दी गई है.

गौरतलब है कि अंतरिम रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद गुरुवार शाम को ही सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को सरकार ने हटा दिया और उनकी जगह पर जय श्रीवास्तव को नया MD बनाया गया है.

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