राहुल गांधी की इमेज को लगा धक्का

दिल्ली कांग्रेस में लड़ाई तेज हो गई है. राहुल गांधी के उपवास के दौरान कांग्रेस की खूब किरकिरी हुई. जो राजनीतिक माहौल राहुल गांधी इस उपवास से बनाना चाहते थे. उसकी हवा निकल गई थी. पहले सज्जन कुमार धरना स्थल पर पहुंच गए. फिर रही सही कसर जगदीश टाइटलर ने पूरी कर दी. दोनों को लेकर मीडिया में निगेटिव पब्लिसिटी हुई. उसके बाद छोले भटूरे की फोटो वायरल हो गई थी. जिससे कांग्रेस की जमकर फजीहत हुई.

इस बवाल के बाद दिल्ली कांग्रेस के कई बड़े नेता अजय माकन के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं. सूत्रों के मुताबिक कम के कम एक दर्जन नेताओं ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिख कर अजय माकन की शिकायत की है. इस चिट्ठी में साफ तौर पर अजय माकन के एक तरफा काम-काज पर सवाल भी उठाया गया. शिकायत में कहा गया है कि अजय माकन दिल्ली के सभी बड़े नेताओं को साथ लेकर चलने में सक्षम नहीं है. न ही दिल्ली के बड़े नेताओं से पार्टी के प्रोग्राम के लिए राय मशविरा करते हैं. जिसकी वजह से पार्टी के प्रोग्राम के मकसद को नुकसान हुआ है.

शिकायत में कहा गया है कि पार्टी को सद्भावना जैसे प्रोग्राम में पहले ही सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर को आने से रोकना चाहिए था. इसके अलावा ये ख्याल रखना चाहिए था. किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए. जैसा छोले-भटूरे खाते नेताओं की तस्वीर के साथ हुआ. इसके अलावा कार्यकर्ताओं को जिस तरह से बिठाया गया. उसपर भी ऐतराज जताया गया है. मंच पर बैठे नेताओं के सामने कार्यकर्ता बैठते तो धक्का-मुक्की से बचा जा सकता था. राहुल गांधी के आने पर कार्यकर्ता काबू से बाहर हो गए. क्योंकि कार्यकर्ता और मंच में बैठे नेता राजघाट की तरफ मुंह करके बैठे थे. जिसकी वजह से कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी नहीं दिखाई नहीं दे रहे थे.

क्या था उपवास का प्रोग्राम

9 अप्रैल को दलित उत्पीड़न और जातीय हिंसा के खिलाफ कांग्रेस ने पूरे देश में सांकेतिक उपवास का कार्यक्रम रखा था. जिसमें राहुल गांधी राजघाट पर उपवास पर बैठे थे. धरना साप्रंदायिक सद्भभाव को लेकर था. जिसके जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ बड़ा अभियान चलाना चाहती थी. सब कुछ ठीक चल रहा था मीडिया में भी कवरेज सही चल रही थी. तभी कार्यकर्ताओं के बीच सज्जन कुमार बैठे दिखाई पड़ गए. सज्जन कुमार के खिलाफ सिख विरोधी दंगों में शामिल रहने का आरोप है. जिसके बाद माहौल बदल गया और कांग्रेस के खिलाफ खबरें चलने लगीं.

दिल्ली पार्टी अध्यक्ष अजय माकन ने सज्जन कुमार को जाने के लिए कहा वो चले भी गए. लेकिन कुछ देर बाद वहां जगदीश टाइटलर आ गए. उनके ऊपर भी ऐसे ही आरोप हैं. अजय माकन ने टाइटलर से भी जाने के लिए कहा लेकिन टाइटलर कार्यकर्ताओं के बीच जाकर बैठ गए. ये मामला अभी शांत हुआ ही था कि एक फोटो वायरल हो गया. दिल्ली बीजेपी के नेता हरीश खुराना ने फोटो ट्वीट कर दिया. जिसमे अजय माकन, अरविंदर सिंह लवली और हारून युसुफ छोले-भटूरे खाते हुए दिखाई पड़े.

हरीश खुराना ने ट्वीट में लिखा, ‘वाह…हमारे कांग्रेस के नेता लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है और खुद रेस्तरां में छोले-भटूरे का मजा ले रहे हैं. सही बेवकूफ बनाते हो.’ कांग्रेस ने इस पर सफाई दी कि ये सुबह आठ बजे की फोटो है. जबकि धरना 10.30 पर शुरू होना था. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई दी कि बीजेपी बड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय ये सब बातें उछाल रही है.

राहुल गांधी को करनी पड़ेगी पहल

दिल्ली में काग्रेस के पास एक भी विधायक नहीं है. न ही पार्टी का कोई सांसद है. दिल्ली सरकार के खिलाफ भी कांग्रेस कोई बड़ा अभियान नहीं चला पाई है. बीते विधानसभा उपचुनाव में भी आप के उम्मीदवार को हराने में कांग्रेस कामयाब नहीं हो पाई. जिसकी वजह है दिल्ली में कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद. जिसे सही करने के लिए राहुल गांधी भी तक कोई खास पहल नहीं कर पाए हैं.

दिल्ली के प्रभारी पी.सी चाको भी सभी को साथ लाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं. दिल्ली में कांग्रेस नहीं समझ पा रही है कि पूर्वाचंल और बिहार की आबादी बढ़ गई है. इस तबके को कांग्रेस तरजीह नहीं दे पा रही है. जबकि बीजेपी ने मनोज तिवारी को अध्यक्ष बना रखा है. हालांकि राहुल गांधी संगठन का विस्तार कर रहे हैं. जिससे उम्मीद है कि इस तबके के लोगों को पार्टी के भीतर ज्यादा जगह मिल सकेगी.

Show Buttons
Hide Buttons