मदरसे बने अय्याशी का अड्डा, पर्ची फेंक किया खुलासा

देशभर में लड़कियों के साथ होने वाला यौन शोषण आज भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ हैं. पहले तो लड़कियों को किसी सुनसान जगह पर या किसी अनजान व्यक्ति से अपनी इज्जत बचाने का खतरा हुआ करता था. लेकिन आज कल तो लड़कियां अपने खुद के घर और स्कूल में भी सुरक्षित नहीं रही हैं. पिछले कुछ सालो में स्कूल में होने वाले अपराधो ने पुरे देश को हिला के रख दिया हैं. अब इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली खबर आई हैं.

दिल्ली के बाबा वीरेंद्र देव के आश्रम के जैसे ही यूपी की राजधानी में एक मदरसे पर छापेमारी के दौरान 51 लड़कियों को छुड़ाया गया. शुक्रवार देर शाम हुई इस कार्रवाई में लखनऊ पुलिस ने मदरसा संचालक को गिरफ्तार कर लिया. लड़कियों का आरोप है क‍ि यहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था. उनसे छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें की जाती थीं. संचालक उनसे पैर दबवाता था और व‍िरोध करने पर जानवरों जैसा सलूक करता था. बता दें कि पिछले दिनों आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नामक संस्था के आश्रमों से दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों से करीब 150 लड़कियों को छुड़ाया गया.

पुलिस ने पहले शिकायत पर ध्यान नहीं दिया

– सैयद मोहम्मद जिलानी अशरफ ने बताया कि उन्होंने पहले भी मदरसे के खिलाफ सआदतगंज थाने में शिकायत दी थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया. इसके बाद जब मदरसे में कैद लड़कियों ने जुल्मों की कहानी चिट्ठी में लिखकर बाहर फेंकीं, तो फिर लोगों ने इन्हें एसएसपी दीपक कुमार को दिया.

– अशरफ ने बताया कि उन्होंने यह मदरसा बनवाकर मो. तैय्यब को चलाने के लिए दिया था, लेकिन बाद में वह इसे हॉस्टल की तरह चलाने लगा. जब हमें उसकी हरकतों की जानकारी मिली तो पुलिस से शिकायत की.

छत से पर्ची फेंक लगाईं मदद की गुहार

लड़कियां जब मदरसे में होने वाले इस गंदे काम से परेशान हो गई तो उन्होंने छत पर चोरी छिपे जा कर मदद के लिए परचियां फेंकना शुरू कर दिया. यह पर्ची एक नेक बंदे के हाथ लगी जिसके चलते पुलिस ने इस मदरसे पर छापा मारा.

मदरसे में 125 छात्राएं पढ़ती हैं, वर्तमान में 51 छात्राएं मौजूद थीं. पुलिस ने सभी को रेस्क्यू किया है. मदरसे पर एसीएम, एडीएम और महिला उप निरीक्षक के द्वारा लड़कियों का बयान लिया गया. साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और डीपीओ को सूचित कर दिया गया है.

मदरसे पर छापे से मचा था हड़कंप

जब पुलिस छापा मारने की तैयारी कर रही थी तो पुरे इलाके में हड़कंप मच गया था. वहां के लोकल लोगो ने मदरसे को घेर लिया था. हालाँकि जब पुलिस ने किसी तरह लड़कियों को आज़ाद कर सच्चाई सबके सामने लाइ तो सभी शांत हो गए. मदरसे में पढ़ने वाली एक छात्रा ने तो ये तक आरोप लगाया हैं कि मदरसे का संचालक मो. तैयब जिया लड़कियां सप्लाई करने का काम करता था. फिलहाल पुलिस इस मामले में आरोपी से कड़ी पूछताछ कर आगे की जांच पड़ताल कर रही हैं.

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