भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने उठाये बड़े कदम

हरियाणा: भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने परिवहन विभाग में बड़ी कारवाही  की है। खट्‌टर सरकार ने सभी 22 जिलों के रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) को हटा दिया है। साथ ही अतिरिक्त जिला उपायुक्त (एडीसी) को तुरंत प्रभाव से आरटीए का चार्ज लेने के आदेश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में ज्यादातर जिलों में हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) अफसर ही आरटीए लगे हुए हैं। अब इनके ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश भी बाद में जारी किए जाएंगे। इनकी जगह पर अब जिन एडीसी को आरटीए का चार्ज दिया गया है, उनमें भी ज्यादातर एचसीएस अफसर ही हैं।

ट्रांसफर-पोस्टिंग में सिफारिशों से तंग हो गए थे सीएम खट्‌टर

सीएम ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में आरटीए लगाने को लेकर आने वाली सिफारिशों की वजह जानने की कोशिश की तो पता चला कि यह काफी मलाईदार पद है। इसलिए विधायकों से लेकर ओएसडी, सलाहकार तक सिफारिशें कर रहे थे। इन दफ्तरों में भ्रष्टाचार की शिकायतें भी ज्यादा आ रही थीं। इसी को लेकर सीएम ने सभी आरटीए को हटाने का फैसला किया।

खट्‌टर सरकार का रजिस्ट्रियों के बाद दूसरा बड़ा फैसला
पब्लिक डीलिंग से जुड़े महकमों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सीएम मनोहर लाल का यह दूसरा बड़ा फैसला किया है। इससे पहले रजिस्ट्रियों में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ई-दिशा केंद्रों के माध्यम से ई रजिस्ट्री, ई स्टैंपिंग और जीरो म्यूटेशन जैसे कदम उठाए थे। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में कमिश्नर विकास गुप्ता को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसा सिस्टम तैयार करें, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, वाहनों की पासिंग और टैक्स जमा करने जैसे कामों में भ्रष्टाचार की गुंजाइश ही न रहे।

सीएम फ्लाइंग ने बुधवार को मारे थे छापे, मिली थी गड़बड़ियां

सीएम ने भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद बुधवार को अपनी फ्लाइंग भेजकर आरटीए दफ्तरों पर छापेमारी कराई थी। इस दौरान काफी अनियमितताएं पकड़ी गईं। फरीदाबाद में जहां दलाल को दबोचा गया, वहीं पंचकूला में हस्ताक्षरशुदा खाली चालान बुक मिली। भिवानी में पिछले साल 23 दिसंबर से इस साल 15 मार्च के बीच काटे चालानों में कटिंग कर 4 लाख एक हजार का गोलमाल किया गया है। वहीं नूंह में 7 नकली चालान बुक समेत कई कमियां मिलीं। आरटीए कार्यालय के सभी कर्मियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरटीए कार्यालय के कर्मी 7 नकली चालान बुक से कार्यालय में सरकारी पैसों को अपनी जेब में डाल रहे थे।

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