बड़ी खबर- अगर आप भी फेसबुक यूजर हैं तो जान ले सरकार का ये नया नियम

अभी हाल ही फेसबुक के डाटा लीक का मामला सामने आया था जिसमे फेसबुक प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने रविवार को ब्रिटेन के सभी राष्ट्रीय अखबारों में पूरे पन्ने के विज्ञापन देकर डाटा लीक मामले के लिए  माफी भी मांगी है उन्होंने इस विज्ञापन में कहा  है की , हम आपकी सूचनाओं की हिफाजत के लिए जिम्मेदार हैं। अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो हम इसके लायक नहीं हैं। इसके साथ ही जुकरबर्ग ने कहा है कि 2014 में ही एक यूनिवर्सिटी शोधकर्ता ने करोड़ों लोगों का फेसबुक डाटा लीक होने की बात कही थी। पर हमने उस वक्त कुछ खास नहीं किया।अब हम कदम उठा रहे हैं ताकि ऐसा फिर न हो।

आपको बता दे डाटा लीक के मामलों पर फेसबुक प्रमुख मार्क जुकरबर्ग के साथ साथ सरकार भी अब  जल्द ही बड़ा कदम उठाने वाली है जिसके दौरान आने वाले दिनों में डाटा लीक करने वाले या फिर बिना यूजर की मंजूरी के डाटा शेयर करने वालों को पांच से सात साल तक की सजा और भारी जुर्माना भी लग सकता है।आपको बता दे सरकार ने इस मामले में इतना बड़ा कदम इसीलिए उठाया है क्योंकि फेसबुक और नरेंद्र मोदी एप से भी कई सारे डाटा लीक हुए है जिसके बाद से  केंद्र सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है। डाटा प्रोटेक्शन एक्ट का ड्राफ्ट 15 मई के पहले बनकर तैयार हो जाएगा।

दिसंबर तक पास हो जाएगा बिल

सूचना प्रौद्यौगिकी मंत्रालय का मानना है कि दिसंबर तक इसे संसद से पास करवा लिया जाएगा। इस एक्ट से सर्विस प्रोवाइडर की मनमानी पर लगाम लगेगी और उनकी जवाबदेही तय होगी।डाटा प्रोटेक्शन एक्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बीएन श्रीकृ‌‌ष्णा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था।

सरकार ने शुक्रवार को ब्रिटेन की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस जारी कर 31 मार्च तक जवाब मांगा है। कंपनी पर आरोप है कि उसने फेसबुक से डाटा लेकर भारतीयों का प्रोफाइल तैयार किया और उनके मतदान के व्यवहार को प्रभावित किया। आईटी मंत्रालय ने बयान जारी कर यह जानकारी दी है।नोटिस में पूछा गया है कि कौन-कौन सी संस्थाएं कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़ी हैं, डाटा हासिल करने का तरीका क्या है और इसके लिए क्या यूजर से सहमति ली गई थी? क्या इस डाटा के आधार पर कोई प्रोफाइलिंग की गई।

यूजर जान पाएंगे कहां और कैसे इस्तेमाल होगा उनका डेटा

अगर कोई यूजर किसी तरह का डाटा साझा करने के लिए तैयार हो भी जाता है तो भी कंपनी को अपनी पॉलिसी में बताना होगा कि इस डाटा का कहां और क्या इस्तेमाल किया जाएगा। अगर कंपनी थर्ड पार्टी को डाटा देने की नीति बनाती है तो उसे थर्ड पार्टी के नाम के साथ-साथ डाटा शेयरिंग की वजह भी बतानी होगी। थर्ड पार्टी से डाटा शेयर करने के लिए यूजर से अलग से स्वीकृति लेनी होगी। यूजर के पास दिए गए डाटा को भविष्य में डिलीट कराने का अधिकार भी होगा।

सूचना प्रौद्यौगिकी मंत्रालय का कहना है कि आईटी एक्ट 2000 के तहत डाटा लीक पर सजा का प्रावधान है। मंत्रालय के अफसरों के मुताबिक, यूजर की डाटा सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए डाटा प्रोटेक्शन एक्ट के ड्राफ्ट में कई कड़े प्रावधान किए जाएंगे। एक्ट में सजा के अलावा यूजर का डाटा लीक होने पर संबंधित कंपनी पर  5 साल की जेल और  आठ लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है और बेहद संवेदनशील डाटा लीक होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए अलग से संस्था बनेगी। जो कमीशन के स्तर की होगी। “सभी बातें अभी ड्राफ्ट का मुख्य हिस्सा हो सकती है, लेकिन संसद से पास होने तक इनमें कई बदलाव होने की भी पूरी संभावना है।”

Show Buttons
Hide Buttons