ब्रेकिंग न्यूज़ : 42 चावल मिल मालिकों ने सरकार का खा लिया 300 करोड़ का चावल।

चंडीगढ़/पानीपत.सरकार अब प्रदेश में चावल की मिलिंग के लिए चावल मिल मालिकों से 75 प्रतिशत राशि बैंक गारंटी के रूप में पहले ही वसूलेगी। इसके बाद ही चावल मिलिंग के लिए दिए जाएंगे। इस फैसले की वजह प्रदेश के 42 चावल मिल मालिकों द्वारा सरकार को 300 करोड़ रुपए का चूना लगाना है। सरकार ने सभी पर एफआईआर दर्ज की है, इसमें कई कर्मचारी और अधिकारी भी संलिप्त हैं।

इन पर भी कार्रवाई होगी। 2013 से अब तक के सारे मामले खोले गए हैं। इस मामले में 31 अधिकारियों पर एक अलग से जांच चल रही है। खरीफ सीजन के लिए राइस मिलों को आवंटित की जाने वाली धान की 75 प्रतिशत कीमत के बराबर बैंक गारंटी लेने का प्रावधान रखा गया है। इससे गलत राइस मिलर्स धान प्राप्त नहीं कर सकेंगे। सरकार को भी कोई नुकसान नहीं हैं

2018 के मामले

वर्ष 2018 में कुरुक्षेत्र में तीन, जबकि करनाल जिले में 11 एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि पिछले कई सालों में भी ऐसे कई मामले आए हैं। इनमें फतेहाबाद में चार, अम्बाला में तीन, यमुनानगर में दो, कुरुक्षेत्र में चार, कैथल में तीन, करनाल में 11 और पलवल में दो एफआईआर दर्ज की गई। इन मामलों में वर्ष 2013 से अब तक के मामले शामिल हैं।

9 लाख टन अधिक चावल केंद्र को भेजेगा हरियाणा

साल 2017-18 के दौरान 59,24,235 एमटी धान खरीद हुई, जबकि गत वर्ष 53,47,848 एमटी धान खरीद हुई थी। पिछले वर्ष के मुकाबले 5,76,387 एमटी धान अधिक खरीद हुई। इस बार 39,69,237 एमटी चावल भारतीय खाद्य निगम को भेजा जाएगा। अब तक 34,61,646 मीट्रिक टन चावल भेजा जा चुका है। पिछले साल 30,99,016 मीट्रिक टन चावल भेजा गया था।

प्रदेश में करीब 12.5 लाख हेक्टेयर है धान का रकबा

प्रदेश में धान करीब 12.5 लाख हेक्टेयर में उगाया जाता है। इसमें करीब 7 लाख हेक्टेयर में बासमती, पांच लाख हेक्टेयर में मोटा धान होता है। प्रदेश से करीब 19 हजार करोड़ रुपए का बासमती चावल निर्यात होता है। मोटा धान सरकार मिलिंग कराकर विभिन्न कोटे के माध्यम से लोगों को देती है। इसके अलावा केंद्रीय पूल में भी धान भेजा जाता है।

आरोपियों पर की एफआईआर

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास के मुताबिकख् जिन चावल मिल मालिकों ने सरकारं को 300 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। उसकी रिकवरी के लिए प्रयास किया जा रहा है। एफआईआर दर्ज कराई गई है, आगामी समय से मिल मालिक को 75 फीसदी बैंक गारंटी देनी होगी। उसके बाद ही मिलिंग के लिए धान दिया जाएगा।

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