बोतलबंद पानी नहीं है सुरक्षित- जाने इसके पीछे का पूरा सच

अक्सर ट्रेन या बस में सफर के दौरान बोतल बंद पानी पीने वाले लोगों के लिए एक हैरान कर देने वाली खबर आई है. भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में साफ पानी के नाम बेचे जा रहे बोतल बंद पानी में माइक्रोप्लास्टिक के कण पाए गए हैं. अमेरिका स्थित एक निजी संस्थान की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. संस्थान ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दुनियाभर में बेचे जा रहे बोतलबंद पानी में पॉलीप्रोपिलीन, नायलॉन और पॉलीथिलीन टेरेफ्थेलेट जैसे तत्व मौजूद रहते हैं.

इस शोध के लिए संस्था की ओर से भारत, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, केन्या, लेबनान, मेक्सिको, थाईलैंड और अमेरिका समेत 19 देशों से सैंपल इक्टठा किए गए थे. इन नमूनों पर किए गए शोध में पाया गया कि लगभग 93 फीसदी बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के कण हैं.

बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के अदृश्य कणों को देखने के लिए शोध दल ने विशेष डाई और नीली रोशनी का उपयोग किया. शोध के दौरान 100 माइक्रोंस और 6.5 माइक्रोंस के आकार के दूषित कणों की पहचान हुई.

शोध में यह बात सामने निकलकर आई है कि एक व्यक्ति जो एक दिन में सिर्फ एक लीटर बोतल बंद पानी पीता है वह हर साल लगभग 10 हजार से ज्यादा सूक्ष्म कण अपने शरीर के अंदर लेता है. हालांकि शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि आखिरकार इससे एक इंसान के शरीर को नुकसान होता है या नहीं.

बता दें कि बोतल बंद पानी का व्यापार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला व्यापार है. रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में हर साल 147 अरब डॉलर का व्यापार पेय पदार्थों का ही होता है.

वहीं, शोध के सामने आने के बाद तमाम पानी बेचने वाली कंपनियों की सफाई सामने आने लगी है. aquafina की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कंपनी पानी को साफ करने के लिए हाई क्वालिटी सोर्स का इस्तेमाल किया जाता है. बोतल के अंदर माइक्रोप्लास्टिक आने के कई सारे और भी रास्ते हैं.

Bisleri ने कहा है कि उन्हें सवाल मिल गया है, जिसका जवाब कंपनी की ओर से आधिकारिक तौर पर जल्द ही दिया जाएगा.

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