नरेश अग्रवाल ने की भाजपा ज्वाइन – क्या असर पड़ेगा राज्यसभा चुनाव पर ?

लखनऊ : समाजवादी पार्टी (एसपी) के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल सोमवार को पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने यहां हेडक्वॉर्टर में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। वे राज्यसभा के लिए जया बच्चन को तरजीह दिए जाने से नाराज चल रहे थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद नरेश अग्रवाल ने कहा, “मेरा टिकट फिल्मों में नाचने वाली के लिए काट दिया गया, जबकि मैं सीनियर लीडर हूं। राज्यसभा चुनावों में हम बीजेपी का समर्थन करेंगे।” उधर, सुषमा स्वराज ने नरेश के जया बच्चन पर दिए बयान को गलत बताया और कहा कि यह मंजूर नहीं है।

नरेश अग्रवाल बोले-मैं मोदी- योगी से प्रभावित हूं

  • नरेश अग्रवाल ने कहा- “आज मैं बीजेपी में शामिल हो रहा हूं। मैं समझता हूं जब तक राष्ट्रीय पार्टी में नहीं रहेंगे तो पूरे राष्ट्र की सेवा नहीं कर सकते। इसलिए मैंने यह फैसला लिया। मैं पीएम मोदी और सीएम योगी से भी प्रभावित हूं। सरकार जिस तरह से काम कर रही है उससे यह तय है कि पीएम के नेतृत्व में उनके साथ होना चाहिए।”
  • “मेरा टिकट फिल्मों में नाचने वाली के लिए काट दिया गया, जबकि मैं सीनियर लीडर हूं। मेरा बेटा नितिन अग्रवाल हरदोई से विधायक है और राज्यसभा चुनावों में हम बीजेपी का समर्थन करेंगे।”
  • “फिल्मों में नाचने वाली से मेरी बराबरी की जा रही है। मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव से मैं हमेशा जुड़ा रहूंगा, लेकिन पार्टी को मैंने त्याग दिया है। मैं बीजेपी के लिए बगैर किसी शर्त के काम करूंगा।”

स्वराज ने कहा- पार्टी में स्वागत है

सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा – “नरेश अग्रवाल का बीजेपी में स्वागत है, लेकिन उन्होंने जया बच्चनजी के बारे में जो बयान दिया है वह सही नहीं है, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

बता दें कि नरेश अग्रवाल वही नेता हैं, जिन्होंने एक बार मॉब लिंचिंग पर बहस के दौरान शराब को देवी-देवताओं के नाम से जोड़ दिया था। उनके इस बयान पर हंगामा हुआ था। बीजेपी ने कड़ा विरोध किया था। बाद में अग्रवाल की बातों को राज्यसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया था।

क्या असर पड़ेगा राज्यसभा चुनाव पर

  • राज्यसभा चुनाव में 47 विधायकों वाली सपा अपने कैंडिडेट जया बच्चन को 37 वोटों के साथ आसानी से पहुंचा देगी। जबकि बाकी बचे 10 वोटों से वह बीएसपी कैंडिडेट को समर्थन करने जा रही थी, लेकिन नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल भी अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। ऐसे में सपा के पास अब सिर्फ 9 वोट ही बचे हैं।
  •  बीएसपी अपने कैंडिडेट भीमराव आंबेडकर को राज्यसभा भेजने के लिए ये गणित बैठा रहीं थी। बीएसपी के 19, सपा के 10, कांग्रेस के 7, राष्ट्रीय लोकदल का 1 वोट था।
  • राज्यसभा चुनाव में अगर नितिन अग्रवाल बीजेपी कैंडिडेट का समर्थन कर सकते हैं, तो बीएसपी का खेल बिगड़ सकता है। नरेश अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि उनका बेटा नितिन अग्रवाल बीजेपी को राज्यसभा चुनावों में वोट देगा।

कौन हैं नरेश अग्रवाल 

नरेश अग्रवाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1980 में हरदोई से कांग्रेस की सीट पर पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद वह 7 बार अलग-अलग पार्टियों से विधायक रहे और दो बार राज्यसभा सांसद रहे।

अग्रवाल इससे पहले, कांग्रेस, लोकतांत्रिक कांग्रेस, एसपी, बीएसपी और फिर एसपी में शामिल हुए थे। अब उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की है।

अखिलेश सरकार में मंत्री थे नितिन अग्रवाल

2012 में पहली बार विधायक बने नितिन अग्रवाल अखिलेश सरकार में स्वास्थ्य राज्य मंत्री थे। 2017 में हरदोई से दूसरी बार विधायक बने थे।

ये भी हुए शामिल

नरेश अग्रवाल के साथ नगर पालिका हरदोई और बिलग्राम के चेयरमैन मधुर और हबीब के अलावा सुरसा ब्लॉक प्रमुख महिपाल सिंह, पूर्व प्रमुख धर्मवीर सिंह पन्ने, प्रधान सुरसा जयराम वर्मा समेत दर्जनों सपा कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हुए।

Show Buttons
Hide Buttons