नगर निगम से जुड़े सफाई कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

निगमों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की मासिक न्यूनतम मजदूरी में सरकार ने 3400 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। जहां पहले कर्मचारियों को 8100 रुपए प्रति माह मिलते थे, अब यह बढ़कर 11500 रुपए हो जाएंगे या डीसी रेट जो भी अधिक हो वह मिलेंगे। सीएम ने गुरुवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में शहरी स्थानीय निकायों में विकास कार्यों के अनुमानों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की वित्तीय सीमा को बढ़ाने की घोषणा की।

कमिश्नर को एक करोड़ रुपए की स्वीकृति का होगा अधिकार

अब नगर निगम के मामले में आयुक्त, नगर निगम को 50 लाख रुपए के बजाय एक करोड़ रुपए तक के अनुमानों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार होगा। नगर निगम के पास एक करोड़ रुपए के बजाय एक करोड़ रुपए से अधिक से लेकर 2.50 करोड़ रुपए तक के अनुमानों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का अधिकार होगा।

जबकि निदेशक शहरी स्थानीय निकाय के पास एक करोड़ रुपए की बजाय 2.50 करोड़ रुपए से अधिक से 3 करोड़ रुपए तक की लागत के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति होगी, जबकि तीन करोड़ रुपये से अधिक के अनुमान के लिए प्रशासनिक अनुमोदन करने की शक्ति प्रशासनिक सचिव, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के पास होगी। इससे पूर्व, यह सीमा एक करोड़ रुपए से अधिक थी।

नप के अधिकार भी बढ़ाए

नगर परिषद को अब 10 लाख रुपए के बजाय 25 लाख रुपए तक के अनुमान के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति होगी। डीसी को अब 25 लाख रुपए की बजाय 25 लाख रुपए से अधिक से लेकर एक करोड़ रुपए के अनुमान को मंजूरी देने की शक्ति होगी। जबकि, शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक को एक करोड़ रुपए की बजाय एक करोड़ रुपए से अधिक से लेकर 3 करोड़ रुपए तक के अनुमान के लिए प्रशासनिक अनुमोदन के लिए सक्षम होंगे और प्रशासनिक सचिव, शहरी स्थानीय निकाय के पास एक करोड़ रुपए के बजाय तीन करोड़ रुपए से अधिक के अनुमानों को स्वीकृति करने की शक्ति दी गई है।

सभी नगरपालिकाओं के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया जाएगा

यही नहीं, प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं के इलाके में करनाल नगर निगम की तर्ज पर रात्रि में ही सफाई की जाएगी। जबकि, विज्ञापन बोर्ड ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत ही लगाए जाएंगे। ई-पंचायत प्रणाली के तहत ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की तर्ज पर वर्ष के दौरान किए जाने वाले विकास कार्यों के संबंध में राज्य के 20 शहरों में सभी नगरपालिकाओं के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया जाएगा।

नगर समिति की राशि भी बढ़ाई, 163 सेक्टरों की सड़कें मानसून से पहले हों ठीक

– नगर समिति को पांच लाख रुपए की बजाय 15 लाख रुपए तक की लागत के अनुमानों को प्रशासनिक अनुमोदन देने की शक्ति होगी, जबकि डीसी को 15 लाख रुपए से अधिक से लेकर एक करोड़ रुपए तक के अनुमानों को मंजूरी देने की शक्ति होगी।

– शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक के पास अब एक करोड़ रुपए की बजाय एक करोड़ रुपए से अधिक से लेकर तीन करोड़ रुपए, जबकि प्रशासनिक सचिव शहरी स्थानीय निकाय के पास अब एक करोड़ रुपए से अधिक के बजाय तीन करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति देने की शक्ति होगी।

– सीएम ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को निर्देश दिए कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के 163 सेक्टरों की जो सड़कें विभाग को हस्तांतरित की गई है उनकी मानसून शुरु होने से पहले मरम्मत कर दी जाए। राज्य में 33 शहरों में एचएसवीपी के 163 सेक्टरों में सड़कों के रख-रखाव का कार्य शहरी स्थानीय निकाय विभाग को सौंपा गया है। एचएसवीपी द्वारा 265.97 करोड़ रुपए की निधि प्रदान की जाएगी।

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