जानिए दूसरी से 12वीं कक्षा तक फ्री एडमिशन मिलेगा ऐसे

हरियाणा : प्रदेश के निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत दूसरी से 12वीं कक्षा में फ्री एडमिशन के लिए एप्लिकेशन 20 मार्च से शुरू हो चुके हैं। जिन परिवारों की सालाना आमदनी 2 लाख रुपए से कम और बीपीएल कार्ड धारक है, इसके पात्र होंगे। शेड्यूल के अनुसार निजी स्कूलों को 20 मार्च तक खाली सीटों की जानकारी डीईओ को देनी थी, जो अब तक 80 फीसदी स्कूलों ने नहीं दी है। इसके बावजूद डीईओ की ओर से जानकारी न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक या दो स्कूलों ने ही खाली सीटों की जानकारी दी है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते छात्र असमंजस में हैं कि किस स्कूल के लिए आवेदन करें।

स्कूलों का 8 करोड़ रुपए बकाया

सत्र 2017-18 में 17,320 विद्यार्थियों को दाखिला मिला था। विभाग ने प्राइमरी विंग के प्रत्येक बच्चों की फीस 200 रुपए, मिडल कक्षा की 500 रुपए फीस देने को कहा था। यदि 400 रुपए फीस का हिसाब लगाएं तो सरकार पर 8 करोड़ रुपए फीस बकाया है। निजी स्कूलों का कहना है कि बकाया राशि मिलने तक दाखिला नहीं दिया जाएगा। वहीं, शिक्षा निदेशक का कहना है कि स्कूलों ने उनके पास डिमांड ही नहीं भेजी है।

प्रदेश में 80% स्कूलों ने नहीं दर्शाई सीटें 

महेंद्रगढ़ :केवल एक खंड ने सीटें बताई, अन्य किसी जानकारी नहीं दी है।
रेवाड़ी :एकमात्र खोल खंड ने 930 सीटों की जानकारी दी है। रेवाड़ी के खंडों के बीईओ कार्यालय में स्कूलों की सूची की है। यहां सीटों की संख्या नहीं बताई गई।

फॉर्म मिलेगा वेबसाइट पर, ये चाहिए प्रमाणपत्र

फ्री एडमिशन के आवेदन के लिए शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके साथ जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड या आधार कार्ड, इनकम का प्रमाण पत्र, जो तहसीलदार बनाता है लगाना जरूरी है। बीपीएल कार्ड भी दिया जा सकता है। हर जिले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पास फार्म भरकर जमा कराया जा सकता है। इसके बाद फॉर्मों का सत्यापन होगा।

यह है नियम 134ए

हरियाणा शिक्षा नियमावली का नियम 134ए बना तो 2003 में था, लेकिन इसे लागू कराने के लिए 6 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। कोर्ट के 19 फैसले आए। पिछले साल सरकार ने दाखिलों के लिए शेड्यूल जारी किया था। इससे पहले साफ गाइडलाइन न होने के कारण गरीब बच्चों को अपना हक मिलने में 13 साल लग गए। अब कोर्ट के डर से विभाग शेड्यूल जारी करता है, जो दाखिले न देने पर किसी स्कूल पर कार्रवाई नहीं की जाती।

कक्षा 2 से 12वीं का शेड्यूल

1 मार्च को स्कूलों को यह सार्वजनिक करना होगा कि उनके स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और बीपीएल बच्चे के लिए कितनी सीटें हैं।
8 मार्च को जिला और ब्लॉक स्तर की कमेटियां इन्हें सार्वजनिक करेंगी।
20 मार्च से 10 अप्रैल तक ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन जमा किए जाएंगे।
12 अप्रैल को शिक्षा विभाग पात्र विद्यार्थियों की लिस्ट जारी करेगा।
15 अप्रैल को असेस्मेंट टेस्ट होगा, जिसमें 55 फीसदी अंक लेना जरूरी है।
20 अप्रैल को टेस्ट का रिजल्ट जारी होगा।
22 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर ड्रा निकाला जाएगा।
23 से 26 अप्रैल तक दाखिला प्रक्रिया होगी।
2 मई को दूसरा ड्रा निकाला जा सकता है।

सीटें न दर्शाने वाले स्कूलों की होगी मान्यता रद्द

सेकंडरी एजुकेशन के निदेशक राजीव रत्न ने कहा कि जिन स्कूलों ने खाली सीटों की जानकारी नहीं दी, उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। सभी जिलों में डीईओ को खाली सीटों की जानकारी लेने के आदेश दिए जा चुके हैं। विभाग की प्राथमिकता सभी आरक्षित सीटों पर जरूरतमंद बच्चों के दाखिले करवाना है।

इन 5 सवालों से जानिए कैसे मिलेगा एडमिशन 

1. 134ए के तहत किन कक्षाओं में दाखिला मिलेगा?
कक्षा दूसरी से 12वीं तक।
2. पहली कक्षा के छात्रों के लिए क्या प्रावधान है।
आरटीई के तहत 2-3 किलोमीटर के दायरे में सरकारी स्कूल में दाखिला लेना होगा, सरकारी स्कूल न हो तो प्राइवेट स्कूल में दाखिल के लिए आवेदन किया जा सकता है। यह बात बीईओ से लिखवाकर निजी स्कल को देनी होगी।
3. अभिभावक को कोई शुल्क या अन्य फीस देनी होगी?
दूसरी से 8वीं तक कोई फीस नहीं देनी, 9वीं से 12वीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों के बराबर फीस देनी होगी।
4. एडमिशन के लिए क्या करें।
फार्म भरकर बीईओ आॅफिस में जमा कराएं, ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
5. स्कूल दाखिला देने में बहाना बनाए तो क्या करें?
सीधे डीसी से शिकायत करें, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी

सीटों की जानकारी न देने वालों की हो सीबीआई जांच 

134ए का नियम लागू कराने को कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सत्यवीर सिंह हुड्‌डा ने कहा कि जिन स्कूलों ने खाली सीटें नहीं दिखाई, सरकार उनके खिलाफ सीबीआई जांच कराए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को उनका हक मिल सके। जिन छात्रों को दिक्कत है वह रोहतक कोर्ट में उनसे मिलकर फॉर्म या दाखिले संबंधी कोई भी जानकारी ले सकते हैं, उनकी हर तरह से मदद करेंगे। सरकार 55 फीसदी अंकों की शर्त हटाकर 33 फीसदी करे।

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