गरीबी के आगे बेबस मां, सुहाग बचाने को बेचा ‘कलेजे का टुकड़ा’

जिंदगी कभी-कभी दो राहे पर ला कर खड़ा कर देती हैं जिसमें से किसी एक राह को चुनना पड़ता है. लेकिन इसका रिजल्ट बाद में पता चलता है कि कौन सा रास्ता सही था. ऐसा ही कुछ यूपी के बरेली में एक महिला के साथ हुआ, जिसे अपने पति और नवजात बच्चे में से किसी एक को चुनना पड़ा है. महिला ने पति को चुना और पति के इलाज के लिए नवजात शिशु को बेच दिया.

बरेली के नवाबगंज के हाफिजगंज थाना के खो गांव का है. यहां एक गरीब मां ने पति के इलाज के लिए अपने 15 दिन के बच्चे को बेच दिया. नवाबगंज के हाफिजगंज थाना के खो गांव में इस मां ने अपने बेटे को 45 हजार रुपए में बेच दिया.दरअसल संजू के पति हर स्वरूप दिहाड़ी मजदूर हैं. वह बरेली के प्रेमनगर में एक मकान में मजदूरी कर रहा था. तभी एक दीवार उस पर गिर पड़ी. इस हादसे में उसकी जान तो बच गई. लेकिन कमर से नीचे का हिस्सा बेकार हो गया.

45 हजार रुपए में बेचा अपना जिगर का टुकड़ा

घर में वही अकेला कमाने वाला था. शुरू में उसने कर्ज लेकर अपना इलाज कराया और उसे मकान तक गिरवी रखना पड़ा. कर्जदारों ने जब तंग करना शुरू किया और फांके की नौबत आ पड़ी. आखिरकार संजू ने बेबसी में अपने 15 दिन के बच्चे को 45 हजार रुपये में बेच डाला.

एक मां के लिए यह फैसला खासा मुश्किल रहा होगा जब उसे अपने मासूम बच्चे को खुद से अलग करना पड़ा होगा. लेकिन पेट की आग, दो और छोटे बच्चों की परवरिश, पति का इलाज और कर्ज देने वालों के तकाजों ने उसे मजबूर कर दिया.

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