कोहरे का कहर- हादसे की कहानी, यात्रियों की जुबानी

बेरी रोड पर रेलवे फाटक के पास मंगलवार सुबह सवारियों से भरी रोडवेज की एक बस पलट गई। 52 सवारियों से भरी बस ने तीन पलटी खाई। इससे 17 लोगों के चोट लगी। हालांकि कोई गंभीर नहीं है। सभी को सामान्य अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। हादसे के बाद गुस्साए यात्री बोले कि बस चलाते समय चालक का ध्यान कहीं और था, तभी ये हादसा हुआ।

हादसा सुबह साढ़े सात बजे का है। इस समय धुंध काफी थी। बेरी से झज्जर आ रही रोडवेज की बस में चालक चिमनी गांव निवासी गुलाब सिंह था। जैसे ही वो धौड़ रेलवे फाटक के पास पहुंचा।

यात्रियों ने देखा कि एक कार ओवरटेक करते हुए बस से टकराई। यात्रियों ने शोर मचाया, लेकिन बस चालक को कुछ समझ नहीं आया और स्पीड में आती बस को सामने से आ रहे वाहनों से टक्कर होने से बचाने के बस तीन बार पलटी।

हालांकि बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। घबराए यात्री खिड़कियां खोलकर बाहर आए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालत का जायजा लिया।

इससे पहले पुलिस ने सभी घायलों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। झज्जर सिटी पुलिस चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि इस हादसे के बाद किसी भी यात्री ने बस चालक के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। अगर शिकायत आती है तो जरूर कार्रवाई करेंगे।

यात्रियों का कहना बस चालक का ध्यान कहीं और था

भिवानी निवासी सानिया ने बताया के बेरी से चलकर बस झज्जर पहुंचने वाली थी कि धौड़ रेलवे फाटक पर एक कार पहले बस से टकराई। सवारियों ने देखा कि कार का साइड शीशा भी टूटा, लेकिन ये टक्कर बस चला रहे चालक को नजर नहीं आई।

इसी तरह की बात परमानंद ने भी कही कि कि बस चालक का ध्यान कहीं और था। यात्रियों का कहना है कि जब कार ने ओवरटेक करते हुए टक्कर मारी अगर उसी समय पर बस रुक जाती तो हादसा न होता।

घायलों में शामिल लोग

घायलों में अजित पुत्र ओमप्रकाश, राजेश पुत्र चिरंजीलाल वजीरपुर, कर्म सिंह, पुत्र थोड़ी सिंह गोच्छी, मोनू पुत्री विनोद बेरी, सविता पत्नी सावन नया गांव, अनिल पुत्र जगवीर सिंह, रोशनी पत्नी हरिओम, मोहित पुत्र ऋषिपाल बेरी, विजय पुत्र जयपाल झज्जर, अरुण पुत्र कमल भदानी,

जोतराम पुत्र मोहनलाल खखाना, सानिया पुत्री प्रेमप्रकाश भिवानी, सतीश कुमार पुत्र नंदलाल भिवानी, कृष्णप्रताप पुत्र अशोक कुमार कानपुर यूपी, परमानंद पुत्र लखमीचंद, नरेश कुमार, पुत्र रघुवीर सिंह गोच्छी, दर्श पुत्र घुम्मा शामिल हैं।

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