कैथल से नवांशहर के लिए रवाना हुईं बरात का हुआ ये हाल

कैथल के एक ही परिवार के चार लोगों की मंगलवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब कैथल के गांव हाबड़ी से पंजाब के नवांशहर में ये लोग बरात में जा रहे थे। चीका-पटियाला रोड पर घनी धुंघ की वजह से एक ट्रक से इनकी कार की टक्कर हो गई।

इसमें मारे गए चार लोगों में तीन दूल्हे के चाचा थे, जबकि एक चचेरा भाई। इसके अलावा परिवार के चार अन्य लोग घायल भी हो गए थे। उनका इलाज पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में चल रहा है।

हादसे के बाद शादी वाले घर में मातम का माहैल है, वहीं बुधवार को इनकी डेड बॉडीज गांव में आएंगी और इनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एक घंटा करते रहे एंबुलेंस का इंतजार

वहीं गांव सुनियारहेड़ी के तेजिंदर सिंह ने बताया कि जख्मियों को गाड़ी से निकालने में गांव के लोगों ने मदद की थी। आेवर स्पीड कैंटर की टक्कर से इनोवा में ड्राइवर की साइड का पूरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। काफी देर तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे पर एक घंटे तक वह नहीं पहुंची थी। बाद में गांव के लोगों ने अपनी गाड़ियों से जख्मियों को अस्पताल पहुंचाया।

क्या है पूरा मामला

  •  एक रिश्तेदार लक्खा सिंह ने बताया कि सभी कैथल के गांव हाबड़ी से एक बरात नवांशहर के लिए मंगलवार को रवाना हुए थे। चीका रोड पर गांव सुनियारहेड़ी के पास इनोवा और कैंटर की आमने-सामने की टक्कर हो गई।
  •  हादसे में 8 लोग जख्मी हो गए थे। मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने कार में फंसे घायलों को बामुश्किल बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
  •  अस्पताल पहुंचाए जाने पर घायलों में से 4 की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार जख्मियाें का राजिंद्रा अस्पताल में इलाज चल रहा है।
  • मरने वालों में दूल्हे पलविंद्र सिंह के रिश्ते में लगने वाले तीन चाचा सुखपाल सिंह, हरभजन सिंह, गुरमीत सिंह और काबल का चचेरा भाई रणजीत सिंह (22 वर्ष) शामिल है। रणजीत ही इनोवा चला रहा था।
  • इसके अलावा ओंकार सिंह, प्रीतम सिंह, संजीव कुमार और 12 वर्षीय उदंजपाल पटियाला में उपचाराधीन हैं।
  • एक ही कुनबे के चार-चार सदस्यों की मौत का पता चलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। घर पर जो परिवार के अन्य लोग बरात में नहीं गए थे, वे भी पता चलते ही घटनास्थल के लिए चले गए। घरों में महिलाओं और सगे संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
  • इस हादसे में किसी ने इकलौता पुत्र खोया तो किसी बहन बेटे के सिर से बाप का साया उठा गया। एक दिन पहले मनाई जाने वाली खुशी अचानक मातम में बदल गई।
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