कांग्रेस की बढ़ीं मुश्किलें , टिकट न मिलने से नाराज नेताओं के समर्थक उतरे सड़कों पर

कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। टिकट न मिलने से नाराज उम्मीदवार और उनके समर्थकों ने बागी तेवर अपनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता बृजेश कलप्पा ने टिकट न मिलने पर निराशा जाहिर की है। कलप्पा विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपने लिए लॉबिंग करते आ रहे थे।

कांग्रेस नेताओं के कार्यकर्ता चित्तूर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आवास के बाहर और अन्य जगहों पर विरोध-प्रदर्शन करने में जुटे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर राजमार्ग बाधित करने की भी रिपोर्टें हैं। जबकि कार्यकर्ताओं की नाराजगी शांत करने के लिए कांग्रेस ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए कांग्रेस ने एक विशेष समिति बनाने का फैसला किया है।

बता दें कि कांग्रेस ने रविवार को अपने 218 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस सूची में जिन कांग्रेसी नेताओं का नाम नहीं है, वे तो खुलकर नहीं बोल रहे लेकिन अपने समर्थकों के जरिए अपनी नाराजगी सामने ला रहे हैं। नेताओं के समर्थकों ने कई जिलों में विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। पार्टी समर्थकों का प्रदर्शन यदि बढ़ता गया और टिकट न मिलने से नाराज नेता पार्टी छोड़कर विरोधी खेमे के साथ चले गए तो कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

हालांकि, सिद्धारमैया ने टिकट बंटवारे को सही ठहराया है। सिद्धारमैया का कहना है कि पार्टी के आंतरिक सर्वे और उनके जीतने की संभावना के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

रविवार को जारी उम्मीदवारों की पहली सूची में सीएम पद के प्रत्याशी सिद्धारमैया को चामुंडेश्‍वरी से टिकट दिया गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ेंगे सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र वरुणा सीट से लड़ेंगे। इससे पहले बीजेपी 72 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर चुकी है। कर्नाटक में भाजपा का सीएम चेहरा येदियुरप्पा हैं, वे शिकारीपुरा से चुनाव में उतरेंगे। कर्नाटक में 224 सीटों के लिए 12 मई को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। 15 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। चुनावों को लेकर बीजेपी 72 उम्मीदवारों की एक सूची पहले ही जारी कर चुकी है।

कांग्रेस की यह सूची शुक्रवार को ही जारी होनी थी लेकिन पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में सदस्यों के बीच मतभेद उभरने के कारण नहीं सामने आ पायी थी। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक पार्टी ने मौजूदा आठ विधायकों के टिकट काटते हुए उनकी जगह नए और युवा चेहरों को प्रत्याशी बनाया है। इस लिस्ट में सीएम सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यथेंद्र को भी विधानसभा चुनावों में टिकट मिला है। इस विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने यथेंद्र को वरुना विधासभा सीट से टिकट दिया गया है। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है।

69 साल के सिद्धारमैया 2013 से मुख्यमंत्री हैं। इनके नेतृत्व में कांग्रेस ने पिछली बार बीजेपी को हराकर 122 सीटें जीतीं। उन्होंने पिछले कुछ वक्त से एक ऐसे नेता के रूप में अपनी छवि बनाने की कोशिश की है, जो बीजेपी क हिंदी और हिंदू के नारे का विरोध करता है। वे अपने भाषणों में कन्‍नड़ और दक्षिण भारतीय अस्मिता की बात करते रहे हैं।

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