कश्मीर में हाई अलर्ट, इंटरनेट और स्कूल-कॉलेज बंद

जम्मू कश्मीर : लश्कर-ए-तैयबा के चीफ कमांडर अबु दुजाना के कल मुठभेड़ में मारे जाने के बाद आज किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए कश्मीर घाटी के स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है. कल हुई हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, ताकि हिंसा भड़काने में उनका इस्तेमाल न हो सके.

इतना ही नहीं एहतियात के तौर पर रेल सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. अबु दुजाना के साथ लश्कर के दो आतंकवादियों के मारे जाने के बाद कल सुबह पुलवामा जिले और घाटी के कई हिस्सों में मुठभेड़ हुई. जिसके बाद पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी के कारण एक शख्स की मौत हो गई थी जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिनमें पांच की हालत गंभीर है.

पुलिस और सेना ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रंस में बताया कि हाल ही में अबु दुजाना ने पुलवामा में एक लड़की से शादी की, जिसके कारण वो बार बार पुलवामा आता था. कुछ दिनों पहले सुरक्षाबलों को एक मुठभेड़ के दौरान दुजाना का मोबाइल फोन हाथ लग गया जिससे मिली जानकारियों के आधार पर सुरक्षाबलों ने इस घर की घेराबंदी की जहां करीब 4 घंटे तक चले एनकाउंटर के बाद अबु दुजाना के साथ उसके दो आतंकियों की मौत हो गई. इस ऑपरेशन में जम्मू कश्मीर पुलिस की बड़ी भूमिका रही.

बशीर अहमद खान ने बताया कि सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को दिन भर के लिए बंद कर दिया गया है. हालात को देखते हुए एहतियाती उपाय के तहत उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है. अधिकारियों ने पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी हैं.

आतंकियों के सफाए के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने 12 आतंकियों का डॉजियर तैयार किया था. सेना और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने वाले ऐसे आतंकियों के खात्मे के लिए कश्मीर में बड़ा अभियान चल रहा है जिसके तहत इस साल सिर्फ 7 महीने में 112 आतंकी मारे जा चुके हैं. इनमें अबु दुजाना के अलावा 1 जुलाई को लश्कर आतंकी बशीर लश्करी, 16 जून को जुनैद मट्टू और 27 मई को मारा गया सबजार भट्ट शामिल हैं.

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