कठुआ बलात्कार मामला: पुलिस अधिकारी ने कहा पहले मैं रेप कर लूं, फिर हत्या करना

जम्मू: जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिले में 8 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट में रेप और हत्या का मास्टरमाइंड पूर्व राजस्व अधिकारी 60 वर्षीय संजी राम को बताया गया है। संजी राम ने 20 मार्च को क्राइम ब्रांच के समक्ष समर्पण कर दिया था। वहीं उसके बेटे विशाल को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने विशेष पुलिस अधिकरी दीपक खजूरिया, हेड कांस्टेबल तिलक राज, सुरिंदर कुमार और सहायक पुलिस इंस्पेक्टर प्रवेश कुमार, को सबूत नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

चार्जशीट के अनुसार पूरे काण्ड की साजिश संजी राम ने ही रची थी। उसने पीड़िता के अपहरण, रेप और हत्या की योजना बनाई। संजी राम ने अपनी इस साजिश में खजुरिया के विशेष पुलिस अधिकारी और एक नाबालिग को शामिल किया। 10 जनवरी को जब लड़की जंगल में जानवरों को खोज रही थी, उसी वक्त संजी राम का भतीजा उसे बहला फुसला कर अपने साथ ले गया। बेहोश हो चुकी लड़की का नाबालिग और उसके साथी ने रेप किया। इसके बाद उसे एक मंदिर में ले गए जहां उसे बंधक बना कर रखा।

चार्जशीट में कहा गया है कि जब संजी राम ने कहा कि अब लड़की की हत्या कर उसे ठिकाने लगाना होगा तो विशेष पुलिस अधिकारी खजुरिया ने कहा कि इंतजार करो, मैं भी रेप करुंगा। सभी ने 8 वर्षीय बच्ची का रेप किया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने पीड़िता के सिर पर हमला कर उसकी हत्या की। इसके बाद उसका शव जंगल में फेंक दिया। चार्जशीट के अनुसार मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने रेप के आरोपी नाबालिग की मां से डेढ़ लाख रुपए उसे बचाने के नाम पर घूस लिए।

वहीं इस मामले को लेकर जम्मू में तनाव पैदा हो गया। स्थानीय बार एसोसिएशन ने इसे ‘‘अल्पसंख्यक डोगरा को निशाना बनाने वाला’’ बताते हुए बंद का आह्वान किया जबकि राज्य पुलिस ने वकीलों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जिन्होंने उन्हें आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने से रोकने का कथित रूप से प्रयास किया। चर्चित मामले ने राज्य की राजनीति को भी विभाजित कर दिया है। महबूबा मुफ्ती सरकार के कम से कम दो भाजपा मंत्रियों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

बकरवाल मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पीड़िता दस जनवरी को यहां से 90 किलोमीटर दूर कठुआ के रासना गांव के पास के जंगलों में बने अपने घर से गायब हो गई थी। एक सप्ताह बाद उसका शव पास के इलाके से मिला था और मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न का पता चला था। शुरूआती जांच में पुलिस ने एक नाबालिग को पकड़ा था। बाद में मामला जम्मू कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा को सौंपा गया था। दो चार्जशीट दायर करने वाली अपराध शाखा टीम को उस समय मुश्किल समय का सामना करना पड़ा जब स्थानीय वकीलों ने उन्हें अदालत के सामने दस्तावेज पेश करने से रोकने का कथित रूप से प्रयास किया था।

पुलिस ने वकीलों के एक समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वकीलों के एक समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई जिन्होंने प्रदर्शन किया और अपराध शाखा के अधिकारियों को ड्यूटी करने से रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वकीलों की अब तक पहचान नहीं हुई है। जम्मू बार एसोसिएशन ने आज जम्मू बंद का आह्वान किया है।

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