इनके करतब देख लोग दांतों तले दबा लेते हैं उंगलियां

रेवाड़ी के पवन ढिल्लो (34) ने पढ़ाई तो सिर्फ 9वीं तक ही की है लेकिन अपने हुनर की बदौलत अच्छे-अच्छों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देते हैं। पवन कभी आंखों पर पट्टी बांधकर बाइक चलाते हैं तो कभी चलती बाइक पर खड़े होकर गुलेल से बोतले फोड़ते हैं। इसी के चलते वे लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं। इतना ही नहीं वे गालों में सूई डालकर एक साथ 12 रिक्शा खींचने का करतब करते हैं। यह रिकॉर्ड भी लिम्का बुक में दर्ज हो चुका है। इन्हीं करतबों की बदौलत वे अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

भविष्य में और बेहतर करने की कर रहे तैयारी

पवन यहीं रुकने को तैयार नहीं है वे भविष्य में और बेहतर करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जल्द ही प्रैक्टिस के दम पर बाइक पर ही किसी नए रिकॉर्ड को दर्ज करवाएंगे।

ऐसे की शुरुआत और बनाई अपनी पहचान

  • बाबडोली निवासी पवन ढिल्लो ने 9वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और खेती करनी शुरू कर दी थी। कुछ साल पहले दोस्तों के साथ मजाक-मजाक में बाइक पर खड़े होकर सवारी करनी शुरू की। इसके बाद जब यह अभ्यास का हिस्सा बन गया तो कुछ हटके करने की कोशिश की।
  • इसके बाद गुलेल चलाना सीखा और चलती बाइक पर गुलेल से बोतल तोड़ने की प्रैक्टिस शुरू कर दी। दोस्तों ने आंख पर पट्टी बांधने का चैलेंज दे दिया। इस चैलेंज में पवन कुछ खास नहीं कर पाया था, मगर इसके बाद ठान लिया कि वह ऐसा करके रहेगा।
  • जब आंखों पर पट्टी बांध बोतल तोड़नी शुरू की तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह काम सफलता पूर्वक करने के चलते वर्ष 2015-16 में पवन का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। वर्ष 2015-16 के दौरान ही पवन ने गालों में सुई डालकर 12 रिक्शे खींचने का भी करतब किया।
  • पिछले साल हुई राष्ट्रीय गुलेल स्पर्धा में हिस्सा लेते हुए ढिल्लो ने 35 मीटर मुकाबलों में कांस्य पदक जीता। इससे पहले राज्य स्तरीय तीरंदाजी में भी पवन अपनी प्रतिभा दिखा चुका है। पवन की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम है तथा इनके दो बेटी व एक बेटा हैं।
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