आखिर क्यों दिखाया भाजपा के 6 पदाधिकारियों को पार्टी से बाहर का रास्ता

पानीपत: आईएएस की बेटी से छेड़छाड़ मामले में विकास बराला के फंसने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला का इस्तीफा बेशक नहीं हुआ, लेकिन इस एपिसोड में शहरी भाजपा के 6 पदाधिकारियों सीनियर कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिला अध्यक्ष प्रमोद विज ने प्रदेश अध्यक्ष का पुतला जलाने और इस्तीफा मांगने वाले सभी 6 पदाधिकारियों को 6 साल के लिए निलंबित कर पार्टी से सदस्यता समाप्त कर दी है।

तहसील कैंप मंडल के उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह सचिव सुरेश नारंग, निगरानी समिति के सदस्य तहसील कैंप मंडल के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जिंदी, किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष दिनेश सपरा, सामाजिक न्याय प्रकोष्ठ के तहसील कैंप मंडल अध्यक्ष अशोक आनंद मॉडल टाउन मंडल के पूर्व शक्ति केंद्र प्रमुख सुभाष मनचंदा ने रविवार को तहसील कैंप स्थित फतेहपुरी चौक पर बराला का पुतला जलाया और इस्तीफा भी मांगा था। विज ने कहा कि इन लोगों ने पार्टी का अनुशासन तोड़ा है। साथ ही, ये लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

बराला का इस्तीफा मांगने वाले 6 पदाधिकारी पार्टी से सस्पेंड, छह साल के लिए सदस्यता भी गई

जिंदी के बड़े बोल
निगरानी समिति के सदस्य तहसील कैंप मंडल के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जिंदी ने कहा कि साफ है कि विकास बराला की करतूत से यहां के बड़े नेता महामंत्री और जिला अध्यक्ष सहमत हैं। इन लोगों ने पार्टी का सत्यानाश कर दिया है। जिंदी ने वार्ड-3 से पार्षद हरीश शर्मा को भी बिकाऊ बताते हुए कहा कि पार्षद के कहने पर ही जिला अध्यक्ष ने यह कदम उठाया है। हरीश शर्मा ने कहा कि जब जिंदी को मंडल अध्यक्ष बनाया गया तब तो पार्टी ने मुझसे नहीं पूछा। निलंबन हुआ तो मुझे घसीटा जा रहा है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बराला का विरोध किया। हम लोग संघर्ष समिति के सदस्य हैं। हमारी पहचान उन कार्यकर्ताओं में है, जो घर-बार छोड़कर पार्टी के लिए काम करते है। जिला अध्यक्ष ने पार्टी से क्यों हटाया, कारण बताते हुए नोटिस देना होगा।

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