अवैध खनन मामलों में नायब सैनी ने दिए कड़े एक्शन लेने के निर्देश

पानीपत : प्रदेश में जारी अवैध खनन पर खनन मंत्री नायब सैनी एक्शन के मूड में आ गए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अवैध खनन किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर जिले में खनन के लिए विशेष टीमें बनाई जाएं, जो न केवल दिन में बल्कि रात को भी यमुना के साथ के क्षेत्र में निरीक्षण करें। जहां भी अवैध तरीके से खनन होता मिला, उसमें लगे वाहन को ऑन द स्पॉट ही जब्त कर लिया जाए।

अवैध खनन का कोई भी मामला पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति पर एफआईआर हर हालत में दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में अवैध खनन को काफी हद तक रोका है। फिर भी यमुना किनारे जिन जगहों पर अवैध खनन की खबरें सामने आई हैं, वहां विशेष जांच करवाकर इस पर पूरी तरह रोक लगाने का काम करेंगे।

अवैध खनन में लगे वाहन ऑन द स्पॉट होंगे जब्त

मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि रेत के रेट निर्धारण को लेकर जल्द ही एक नीति बनाएंगे। यह वित्त वर्ष समाप्त हो रहा है। अब नए वर्ष के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। इस बार ई-टेंडर कराए जाएंगे। टेंडर के समय ही तय किया जाएगा कि संबंधित ठेकेदार रेत को किस रेट में बेचेगा। खनन से प्राप्त होने वाले राजस्व को संबंधित गांवों के विकास पर लगाने के लिए भी एक योजना बनाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही विभाग के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों से उनके जिले में खनन गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।

आरोप लगाने से पहले कांग्रेस खुद झांके

मंत्री नायब सैनी ने कहा कि अशोक तंवर नींद में बोल कर चले गए। भाजपा सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए कांग्रेस से ज्यादा काम किया है। कांग्रेस के दस साल के कार्यकाल में 872 एफआईआर दर्ज हुई थी, जबकि भाजपा सरकार ने साढ़े तीन साल में ही 367 एफआईआर दर्ज की हैं। प्रदेश में खनन के लिए 119 ब्लॉक चिह्नित किए गए थे, जिनमें 88 ब्लॉक ऑक्शन के लिए रखे गए। कुल 57 ब्लॉक रनिंग में है।

सरकार की सख्ती से खनन में कमी आई

 खनन और इसकी ओवरलोडिंग का मामला जब से सामने आया है। ग्राउंड पर भी सरकार और अधिकारी एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। परिवहन मंत्री खुद पिछले तीन दिनों में 80 से ज्यादा ओवरलोड ट्रकों के चालान काटने और जब्त कराने का काम कर चुके हैं। तीन दिन में ही करीब 1 करोड़ जुर्माना वसूला गया है। यमुना किनारे गांवों के लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिन से लगातार पुलिस और माइनिंग विभाग की टीमें निरीक्षण के लिए आ रही हैं, जिससे अवैध खनन करने वाली गाड़ियों में कमी आई है।
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