अब तिपहिया वाहनों का लाइसेंस लेना हुआ आसान

हरियाणा में अब तिपहिया वाहन का लाइसेंस लेने के लिए ट्रक नहीं चलाना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अब तिपहिया वाहन के लिए ऑटो चलाकर ही लाइसेंस जारी किया जाए और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग परिवहन मुख्यालय भेजी जाए। कई जिलों में यह प्रक्रिया लागू भी हो गई है।

एसडीएम कार्यालय से ऑटो रिक्शा चलाने के लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। इसके लिए पहले ऑटो चालकों को छह माह के लिए लर्निंग लाइसेंस दिया जा रहा है। इसकी अवधि खत्म होने से एक दो दिन पहले आरटीए विभाग में तैनात एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) परमानेंट लाइसेंस जारी किए जाने के लिए आवेदक से ऑटो चलवा कर दोबारा टेस्ट लेंगे। इसके बाद उसकी वीडियो क्लिप तैयार कर उसके आवेदन पर परमानेंट लाइसेंस जारी करने के लिए हरी झंडी दे दी जाती है। इसके बाद आवेदक को लाइसेंस तो एलएमवी का जारी किया जाता है, लेकिन लाइसेंस पर सिर्फ ऑटो रिक्शा के लिए वैलिड लिखा जाता है।

पहले ड्राइविंग लाइसेंस लेने में क्या थी कठिनाइयां

  • चालकों को एलएमवी का लाइसेंस जारी किया जाता था।
  • लाइसेंस को जारी करने के लिए आरटीए के अधिकारी ऑटो ड्राइवर से भारी वाहन चलवाकर देखते थे। इससे अधिकांश ऑटो चालक लाइसेंस के लिए होने वाले टेस्ट में फेल हो जाते थे।

लाइसेंस जारी करने को चलवाते हैं ऑटो रिक्शा

लर्निंग लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद ऑटो चालकों को लाइसेंस पासिंग के लिए आरटीए में भेजा जाता है। यहां चालक को परमानेंट लाइसेंस देने के लिए उससे ऑटो रिक्शा चलवा कर देखते हैं। इसकी वीडियो क्लिप तैयार की जाती है। इसके बाद परमानेंट लाइसेंस के आवेदन पर लाइसेंस अथॉरिटी को लाइसेंस जारी किए जाने की मोहर लगा दी जाती है।

ये है नियम

ई-दिशा केंद्र पर फाइल तैयार होने के बाद कंप्यूटर पर टेस्ट देना होता है। फीस जमा कराने बाद एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा। 6 माह के लिए लर्निंग लाइसेंस जारी होगा। परमानेंट के लिए रिन्यूवल आवेदन ई-दिशा में करना होता है।

 

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