अनिवार्य होगा शादी का रजिस्ट्रेशन

केंद्र सरकार शादी के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने के लिए जल्द ही नया कानून ला सकती है। लॉ कमिशन की रिपोर्ट को आधार बनाकर सरकार इस ओर जल्द ही कदम बढ़ा सकती है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी इससे पहले ये फैसला ले चुकी है।

खबरों की मानें, तो लॉ कमिशन ने जिस रिपोर्ट को आगे रखा है, उसके ड्राफ्ट में कोई दिक्कत नहीं आएगी. इस रिपोर्ट में किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने देश में शादियों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाने की बात कही थी। और कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश, केरल और बिहार, यूपी में सरकारें इसे लागू कर चुकी हैं।

बीजेपी सरकार के लिए एक लक्ष्य है  यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना, ये भी इसी का एक हिस्सा ही है।

यूपीए-2 ने भी  मोदी सरकार से पहले राज्यसभा में इस प्रकार का बिल लाने की कोशिश की थी। यूपीए सरकार ने जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट एक्ट, 1969 के तहत बिल लाया था।  इससे पहले शादी के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने के पक्ष में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बात कही थी।

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